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क्या रात के खाने में ये चीजें शामिल करना चाहिए, ताकि अच्छी नींद और सेहतमंद सुबह मिले?

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क्या रात के खाने में ये चीजें शामिल करना चाहिए, ताकि अच्छी नींद और सेहतमंद सुबह मिले?

सारांश

रात का खाना हमारी सेहत और नींद पर प्रभाव डालता है। जानें किन चीजों को अपने रात के भोजन में शामिल करें, ताकि आप एक स्वस्थ सुबह का अनुभव कर सकें।

मुख्य बातें

रात का खाना हल्का और सुपाच्य होना चाहिए।
मूंग दाल और गुनगुना दूध का सेवन करें।
खाने के बाद टहलना न भूलें।
सूर्यास्त के बाद भोजन करें।
फाइबर युक्त आहार जैसे शकरकंद का सेवन करें।

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। 'जैसा खाए अन्न, वैसा होए मन' यह कहावत केवल दिन के भोजन पर ही नहीं, बल्कि रात के खाने पर भी पूरी तरह से लागू होती है। यह समय हमारे शरीर की मरम्मत, नींद की गुणवत्ता और अगले दिन की ऊर्जा को निर्धारित करता है।

आयुर्वेद के अनुसार, रात का खाना हल्का, सुपाच्य और शांतिदायक होना चाहिए। रात के बेहतरीन आहारों में से मूंग की दाल को विशेष रूप से सर्वोत्तम माना गया है। यह हल्की, त्रिदोष नाशक और पाचन को सुधारने वाली होती है। मूंग दाल की पतली खिचड़ी में देसी घी और सेंधा नमक मिलाकर खाने से नींद में सुधार होता है। सादी खिचड़ी, जो केवल मूंग दाल और चावल से बनाई जाती है, भी रात के लिए आदर्श भोजन है, जो पेट को आराम देती है और पाचन शक्ति को संतुलित करती है।

यदि आप दूध का सेवन करते हैं, तो गुनगुना दूध आपके लिए उत्तम है। इसमें हल्दी, केसर या जायफल मिलाकर पीने से यह नींद को गहरा करता है और मांसपेशियों की मरम्मत में मदद करता है।

केले की सब्जी या उबले हुए केले का सेवन भी बहुत फायदेमंद होता है। यह वात को शांत करता है और नींद लाने में मदद करता है।

भोजन के बाद थोड़ा-सा नारियल पानी या कच्चा नारियल शरीर को ठंडक देता है, पित्त को शांत करता है और त्वचा के लिए भी लाभकारी होता है।

उबली शकरकंद फाइबर से भरपूर होती है, जो नींद और पाचन दोनों के लिए लाभकारी है। लौकी की सब्जी को आयुर्वेद में सबसे शांतिदायक और हल्की माना गया है। यह पेट की गर्मी को दूर करती है और अनिद्रा में भी फायदेमंद है।

रात को रागी का दलिया खाना भी बहुत लाभकारी है। यह वात और पित्त को संतुलित करता है, कब्ज दूर करता है और हड्डियों को मजबूत करता है। आप चाहें तो लहसुन तड़का वाली मूंग दाल या सब्जी भी ले सकते हैं, लेकिन सीमित मात्रा में। यह गैस, अपच और नींद की समस्या में मददगार होती है।

सोने से पहले त्रिफला चूर्ण गर्म पानी से लें। यह पेट को साफ करता है, लिवर को डिटॉक्स करता है और आंखों की रोशनी के लिए भी लाभकारी है।

ध्यान रखें, रात का खाना सूर्यास्त के दो घंटे के भीतर होना चाहिए। इसके अलावा, खाने के बाद कम से कम 30 मिनट टहलना भी जरूरी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य और जीवनशैली पर गहरा असर डालता है। एक राष्ट्रीय संपादक के रूप में, मेरा मानना है कि सही आहार का चयन कर हम ना केवल अपनी नींद को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि अगले दिन की ऊर्जा भी प्राप्त कर सकते हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रात का खाना कब खाना चाहिए?
रात का खाना सूर्यास्त के दो घंटे के भीतर खाना चाहिए।
क्या मूंग दाल रात के खाने के लिए सही है?
हाँ, मूंग दाल हल्की और सुपाच्य होती है, जो रात के खाने के लिए आदर्श है।
क्या गुनगुना दूध पीना फायदेमंद है?
हाँ, गुनगुना दूध नींद को गहरा करने में मदद करता है।
रात को खाने के बाद क्या करना चाहिए?
खाने के बाद कम से कम 30 मिनट टहलना आवश्यक है।
क्या नारियल पानी पीना फायदेमंद है?
हाँ, नारियल पानी शरीर को ठंडक देता है और त्वचा के लिए अच्छा होता है।
राष्ट्र प्रेस
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