क्या इंडस्ट्री में लंबे समय तक टिकने के लिए लुक्स नहीं, बल्कि अभिनय पर ध्यान देना चाहिए? - शाहिद कपूर
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता शाहिद कपूर ने 15वें इंडियन फिल्म प्रोजेक्ट (आईएफपी) समारोह में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने अपनी जिंदगी के कई अनजाने पहलुओं और पसंदीदा गानों के बारे में चर्चा की।
जब समारोह में उपस्थित लोगों ने शाहिद से उनके प्रिय गाने के बारे में पूछा, तो उन्होंने बताया कि उनका सबसे प्रिय गाना फिल्म 'हैदर' का 'बिस्मिल्ला' है।
उन्होंने इस गाने के बारे में कहा कि यह गाना फिल्म की खूबसूरती से जुड़ा हुआ है, जिसे करके उन्हें बहुत अच्छा लगा। इसके बाद उन्होंने डांसिंग सॉन्ग के बारे में कहा, "मुझे डांसिंग सॉन्ग में 'मौजा ही मौजा,' 'नगाड़ा,' 'ढटिंग नाच,' 'साड़ी के फॉल सा,' और 'तेरी बातों में उलझा जिया' पसंद हैं। असल में मुझे डांस करना बेहद पसंद है, लेकिन काफी समय से मैंने डांस नहीं किया है। मेरे कई कोरियोग्राफर दोस्त मुझसे कहते हैं कि अब डांस क्यों नहीं करता हूं, और मैं उनसे मजाक में कहता हूं, 'अगर तुम्हें आता है, तो तुम कर लो!'
अभिनेता ने आगे कहा कि हर किरदार में डांस नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, "किरदार के अनुसार काम करना आवश्यक है। यदि डॉक्टर का किरदार है, तो वह डांस क्यों करेगा? हालांकि कई डॉक्टर बहुत अच्छे डांसर हैं।"
शाहिद काफी लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और उनके प्रशंसक उन्हें उनके आकर्षक लुक के लिए पसंद करते हैं। लुक्स पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "अगर आप इस इंडस्ट्री में लंबे वक्त तक बने रहना चाहते हैं, तो आपको अपने अभिनय पर ध्यान देना होगा। शुरुआत में लुक्स, चार्म और स्टाइल से काम चल सकता है, लेकिन आगे बढ़ने के लिए अपने काम पर ध्यान दें। जब आप ईमानदारी से अपने किरदार में उतरते हैं, तो आप अपने अंदर झांकते हैं और दबी हुई भावनाओं को बाहर निकालते हैं, तभी असली संतोष मिलता है।"
अभिनेता ने बताया कि वे एक संवेदनशील इंसान हैं। उन्होंने कहा, "मैं हर बात को गहराई से सोचता हूं। असल जिंदगी में भी हम अपने भावनाओं को छिपाते हैं, लेकिन अभिनय मेरे लिए वह माध्यम है, जहां मैं अपनी भावनाओं को पूर्णता से व्यक्त कर सकता हूं।"