राघोपुर नाव हादसा: सीओ दीपक कुमार हटाए गए, पातेपुर के अंचल अधिकारी प्रभात कुमार को मिला प्रभार
सारांश
मुख्य बातें
वैशाली जिले के राघोपुर में हुए नाव हादसे के बाद जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए अंचल अधिकारी दीपक कुमार को उनके पद से हटा दिया है। 16 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के तहत पातेपुर के अंचल अधिकारी प्रभात कुमार को राघोपुर अंचल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह कदम उस हादसे के मद्देनज़र उठाया गया है जिसमें 13 बच्चों की जान जा चुकी है।
प्रशासनिक फेरबदल का विवरण
वैशाली के जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि 'अंचल संबंधित कार्यालयीय कार्यों के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राघोपुर अंचल की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है।' प्रभात कुमार को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ राघोपुर अंचल अधिकारी का प्रभार तत्काल प्रभाव से ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है।
आदेश के अनुसार, हटाए गए अंचल अधिकारी दीपक कुमार को अगले आदेश तक जिला जन शिकायत कोषांग, वैशाली में प्रतिनियुक्त किया गया है। यह फेरबदल तत्काल प्रभाव से लागू माना गया है।
नाव हादसे की पृष्ठभूमि
वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में स्थित रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला में एक भोज आयोजन था। उसमें शामिल होने के लिए गाँव के करीब 20 लोग एक छोटी और जर्जर नाव पर सवार होकर ढाब के दूसरी ओर जा रहे थे। बीच पानी में पहुँचते ही नाव अनियंत्रित होकर पलट गई और सवार लोग गहरे पानी में डूबने लगे।
गौरतलब है कि बताया गया है कि संबंधित नाव का पहले भी परिचालन किया जा रहा था, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या इसकी जर्जर हालत की जानकारी प्रशासन को थी। यह हादसा उन घटनाओं की श्रृंखला में एक और कड़ी है जहाँ अनफिट नावों पर सवारी जानलेवा साबित हुई है।
हादसे में हताहत
जिलाधिकारी वर्षा सिंह के अनुसार, हादसे में कुल 13 बच्चों की मौत हो गई — जिनमें नौ बच्चियाँ और चार बच्चे शामिल थे। सभी की उम्र 15 वर्ष से कम थी। रेस्क्यू अभियान के दौरान सभी 13 शव बरामद किए गए।
छह लोगों को सुरक्षित निकालकर एनएमसीएच में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जिनमें दो वयस्क पुरुष और चार बच्चियाँ शामिल हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
जिला प्रशासन ने इस त्रासदी पर संज्ञान लेते हुए राघोपुर अंचल की व्यवस्था में तत्काल बदलाव किया। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि जर्जर नाव के परिचालन को पहले ही रोका जाना चाहिए था और यह प्रशासनिक निगरानी की विफलता को उजागर करता है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में मानसून-पश्चात् जलमार्ग सुरक्षा पर पहले से सवाल उठाए जा रहे थे।
आगे की राह
नव-नियुक्त प्रभारी प्रभात कुमार को अंचल के सभी लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ यह भी देखा जाएगा कि क्षेत्र में नाव परिचालन को लेकर कोई नए दिशा-निर्देश जारी होते हैं या नहीं।