क्या राहुल गांधी का अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करना एक अच्छा कदम है? लोजपा (आर) सांसद अरुण भारती का बयान
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी का अयोध्या जाना एक सकारात्मक कदम है।
- विपक्षी दलों को इसे राजनीतिक लाभ के लिए नहीं भुनाना चाहिए।
- बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
- सामाजिक सद्भाव बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
- कर्ज लेना विकास के लिए सही है, लेकिन पारदर्शिता जरूरी है।
पटना, १३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने बिहार की राजनीति में हो रही चर्चाओं पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अयोध्या जाकर राम मंदिर के दर्शन करने के बयान को सकारात्मक कदम करार दिया। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दलों को इसे राजनीतिक लाभ के लिए भुनाने से बचना चाहिए।
अरुण भारती ने कहा, "राहुल गांधी का अयोध्या जाकर रामलला का दर्शन करना अच्छी बात है, लेकिन राज ठाकरे ने बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों को सावधान रहने की चेतावनी दी है। ऐसे बयानों से सामाजिक सद्भाव प्रभावित होता है।" उन्होंने महबूबा मुफ्ती और अन्य विपक्षी नेताओं के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता के मुद्दों पर सभी को संयम बरतना चाहिए।
टीएमसी पर ईडी के आरोपों पर अरुण भारती ने कहा कि जांच एजेंसियां कानून के दायरे में कार्य करती हैं। उन्होंने कहा, "टीएमसी का दावा है कि ईडी छापेमारी के बहाने डाटा चुरा रही है, लेकिन यह आरोप बिना सबूत के हैं। जांच में पारदर्शिता होनी चाहिए, लेकिन एजेंसियों पर निराधार आरोप लगाना गलत है।"
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के मुद्दे पर सांसद ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं की हत्या हो रही है। अब तक नौ लोगों की हत्या की खबरें हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर ध्यान देना चाहिए। भारत सरकार को मानवीय आधार पर हिंदू शरणार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।"
तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज निमंत्रण पर अरुण भारती ने व्यंग्य किया। उन्होंने कहा, "जनशक्ति दल के सुप्रीमो तेज प्रताप यादव भाजपा के गिने-चुने मंत्रियों को दही-चूड़ा का निमंत्रण दे रहे हैं, लेकिन लोजपा (आर) के लोगों को नहीं। यह राजनीतिक संदेश है, लेकिन सांस्कृतिक आयोजनों में सभी को शामिल होना चाहिए।"
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर की गई टिप्पणी पर अरुण भारती ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, "किसी जनप्रतिनिधि को दूसरे के खिलाफ ऐसी भाषा नहीं इस्तेमाल करनी चाहिए। संवैधानिक पद पर रहते हुए गरिमा और संयम जरूरी है। विरोध मर्यादा में रहकर किया जाए।"
अरुण भारती ने शक्ति यादव के बिहार पर 3 लाख करोड़ के कर्ज के दावे पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, "कर्ज लेना अपराध नहीं है, लेकिन फंड का दुरुपयोग अपराध है। पिछली सरकार में लालू परिवार पर लगे आरोप इसी की ओर इशारा करते हैं। विकास के लिए कर्ज ठीक है, लेकिन पारदर्शिता जरूरी है।"