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क्या राहुल गांधी ने भागलपुर में रेशम बुनकरों से मुलाकात की?

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क्या राहुल गांधी ने भागलपुर में रेशम बुनकरों से मुलाकात की?

सारांश

राहुल गांधी ने भागलपुर में रेशम बुनकरों से मुलाकात में रेशम उद्योग की समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह बुनकरों को उचित सहायता नहीं दे रही है। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए।

मुख्य बातें

भागलपुरी रेशम की विशेषताएँ और महत्व सरकारी नीतियों की आवश्यकता किसानों और बुनकरों की समस्याएँ राजनीतिक संदर्भ में राहुल गांधी की भूमिका बुनकरों के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता

पटना, 7 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को भागलपुर में रेशम बुनकरों से मुलाकात की और रेशम उद्योग के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की।

बुनकरों ने राहुल गांधी को भागलपुर में चल रही इकाइयों की स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि भागलपुरी रेशम आज भी आधुनिक सिंथेटिक कपड़ों से मुकाबला कर रहा है, लेकिन हथकरघा कारीगरों को सरकार से ज्यादा मदद और नीतियों की जरूरत है।

भागलपुर को 'सिल्क सिटी ऑफ इंडिया' कहा जाता है। यहाँ की भागलपुरी या तसर रेशम दुनिया भर में मशहूर है, जो एक खास रेशम कीट के कोकून से बनती है।

यह सदियों पुरानी कला मेहनत वाली, पर्यावरण के अनुकूल है और 'शांतिपूर्ण रेशम' कहलाती है क्योंकि इसमें कीड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाता।

यह रेशम उद्योग बिहार की संस्कृति का हिस्सा है और राज्य की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देता है। देश-विदेश से इसकी मांग रहती है।

इससे पहले दिन में राहुल गांधी ने बांका में एक बड़ी सभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने कथित 'वोट चोरी' को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा।

बांका जिले के अमरपुर असेंबली क्षेत्र में एक और रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार के लोग उन्हें वोट नहीं चुराने देंगे। नरेंद्र मोदी और अमित शाह कई सालों से वोट चुरा रहे हैं। पहले हमारे पास वोट चोरी का कोई सबूत नहीं था, लेकिन अब हमारे पास डेटा के साथ सबूत हैं। इसीलिए मैं कह रहा हूं कि हरियाणा में चोरी की सरकार है।

राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर बड़े उद्योगपतियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों, बुनकरों और यहां तक ​​कि मखाना उगाने वालों को भी बैंक लोन या कर्ज माफी नहीं मिलती, जबकि बड़ी कंपनियों को करोड़ों रुपये के लोन मिलते हैं और उन्हें माफ कर दिया जाता है।

उन्होंने पूछा, "क्या बीजेपी सरकार ने कभी किसानों, मजदूरों, बुनकरों या मखाना किसानों का कर्ज माफ किया है?"

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अमित शाह के बेटे को तो क्रिकेट बैट पकड़ना भी नहीं आता, लेकिन वह क्रिकेट बोर्ड का चीफ है और क्रिकेट को कंट्रोल करता है - ऐसा क्यों है?

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी की भागलपुर यात्रा केवल बुनकरों की समस्याओं को उजागर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े राजनीतिक संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। इस तरह की संवाद प्रक्रिया से न केवल स्थानीय समुदायों को लाभ होगा, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर भी एक नई दिशा दे सकती है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने भागलपुर में किससे मुलाकात की?
राहुल गांधी ने भागलपुर में रेशम बुनकरों से मुलाकात की।
क्यों भागलपुर को 'सिल्क सिटी' कहा जाता है?
भागलपुर को 'सिल्क सिटी' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहाँ की भागलपुरी रेशम विश्व प्रसिद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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