राहुल गांधी का वडोदरा दौरा, आदिवासी सम्मेलन में होंगे शामिल
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी का वडोदरा दौरा 23 मार्च को है।
- आदिवासी अधिकारों पर सम्मेलन में भाग लेंगे।
- कांग्रेस की चुनावी रणनीतियों की समीक्षा करेंगे।
- राज्य में कई समितियों का गठन किया गया है।
- राहुल गांधी पिछले एक साल से गुजरात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सोमवार को वडोदरा की यात्रा करेंगे। इस दौरान वे एक सभा में भाग लेंगे जो आदिवासियों के अधिकारों से संबंधित है। यह कार्यक्रम गुजरात में होने वाले आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए कांग्रेस की रणनीतियों के बीच आयोजित किया जाएगा।
राहुल गांधी का कार्यक्रम 'आदिवासी संविधान अधिकार सम्मेलन' में दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक शामिल होना है। इस सम्मेलन में मध्य और पूर्वी गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से आदिवासी समुदायों के सदस्यों के आने की उम्मीद जताई गई है।
गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जीपीसीसी) की आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार पारगी ने कहा कि राहुल गांधी अपने एक दिवसीय दौरे के तहत वडोदरा में रहेंगे। उन्होंने हाल ही में राष्ट्र प्रेस को जानकारी दी कि, "राहुल गांधी 23 मार्च को गुजरात में रहेंगे और वडोदरा में एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह सम्मेलन दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा और इसमें बड़ी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद है।"
राहुल गांधी संभवतः कांग्रेस पार्टी के नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं, जिसमें आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और उपचुनावों की तैयारियों पर चर्चा की जा सकती है।
यह यात्रा कांग्रेस की ओर से गुजरात में अपनी चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए राज्य-स्तरीय कई समितियों का गठन करने के कुछ ही दिनों बाद हो रही है। पार्टी ने रणनीति, चुनाव प्रचार प्रबंधन, चुनावी कार्यों की देखरेख, घोषणापत्र का निर्माण और मीडिया से संपर्क साधने के लिए अलग-अलग समितियों का गठन किया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भरत सिंह सोलंकी को रणनीति समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, वहीं राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल चुनाव प्रचार समिति का नेतृत्व करेंगे। वरिष्ठ नेता सिद्धार्थ पटेल को चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
पार्टी के एक पदाधिकारी के अनुसार, इन समितियों को चुनाव प्रचार की योजना बनाने और राज्य के सभी स्थानीय निकायों में चुनावी कार्यों की निगरानी करने का दायित्व सौंपा गया है।
राहुल गांधी पिछले एक वर्ष से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य पर विशेष ध्यान दे रहे हैं और पार्टी संगठन में सुधार की मुहिम के तहत कई बार वहां की यात्रा कर चुके हैं।