क्या राहुल गांधी इंदौर में दूषित जल पीड़ितों से मिलेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी का इंदौर दौरा पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता दर्शाता है।
- भागीरथपुरा में दूषित जल की समस्या ने कई लोगों की जान ली है।
- कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का प्रयास किया है।
- राज्य स्तर पर वाटर ऑडिट की भी मांग की गई है।
- इस घटना से राजनीतिक हलचल में वृद्धि होने की संभावना है।
इंदौर, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण प्रभावित व्यक्तियों से मिलने के लिए पहुंच चुके हैं। वे अस्पताल जाकर वहां उपचार प्राप्त कर रहे मरीजों से मिलेंगे और उसके बाद पीड़ितों के परिवारों से संवाद करेंगे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इंदौर पहुंचे हैं, जहां उनका स्वागत कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह सहित कई नेताओं ने किया। इसके बाद, गांधी पीड़ितों से मिलने के लिए रवाना हो गए।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल पीने से बड़ी संख्या में लोग बीमार हो गए हैं और उनमें से 20 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर सरकार को कठोरता से घेरने का प्रयास कर रही है। उन्होंने न्याय यात्रा भी निकाली है और सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफे की मांग की है, साथ ही न्यायिक जांच की भी मांग की जा रही है।
इंदौर में दूषित जल के मामले को लेकर कांग्रेस ने राज्य स्तर पर आंदोलन किया है और वाटर ऑडिट की मांग की है। इस घटना के संदर्भ में सरकार ने कार्रवाई की है, जिसमें कई अधिकारियों को निलंबित किया गया है और कुछ के तबादले भी किए गए हैं। अब जब राहुल गांधी इंदौर पहुंचे हैं, तो राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आना तय है।
राहुल गांधी के प्रवास के दौरान एक बैठक आयोजित करने की योजना थी, लेकिन प्रशासन से अनुमति न मिलने के कारण इसे निरस्त कर दिया गया है। बताया गया है कि पहले वे अस्पताल में जाकर उपचाररत मरीजों से मिलेंगे और फिर भागीरथपुरा जाकर पीड़ित परिवारों से संवाद करेंगे।