क्या कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटाथिल को जमानत नहीं मिलेगी?
सारांश
Key Takeaways
- ममकूटाथिल को जमानत नहीं मिली है।
- कोर्ट ने आपराधिक रिकॉर्ड पर विचार किया।
- बचाव पक्ष का तर्क था कि रिश्ता आपसी सहमति से था।
- विशेष जांच दल की रिपोर्ट महत्वपूर्ण रही।
- अभियोजन पक्ष ने गवाहों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
तिरुवल्ला, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तिरुवल्ला के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने शनिवार को कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटाथिल को जमानत देने से इनकार कर दिया। इस हफ्ते की शुरुआत में राहुल ममकूटाथिल को यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह हिरासत में हैं।
जमानत याचिका खारिज होने के बाद, ममकूटाथिल को जेल में रहना पड़ेगा। उनकी लीगल टीम जमानत के लिए पथानामथिट्टा जिला कोर्ट में अपील करने की योजना बना रही है।
कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने विरोध किया। उन्होंने ममकूटाथिल को आदतन अपराधी बताते हुए कहा कि वह पहले भी इसी तरह के मामलों में हाई कोर्ट से अस्थायी राहत प्राप्त कर चुके हैं।
सरकारी वकीलों ने कोर्ट को बताया कि और भी शिकायतें आ सकते हैं। उनका तर्क था कि इस समय जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है और गवाहों को डराया जा सकता है।
यह फैसला जमानत याचिका पर बहस समाप्त होने और कोर्ट द्वारा निर्णय सुरक्षित रखने के एक दिन बाद आया है। शुक्रवार को बंद कोर्टरूम में सुनवाई हुई थी।
माना जा रहा है कि कोर्ट ने विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा प्रस्तुत विस्तृत रिपोर्ट पर विचार किया है, जो आरोपों की जांच कर रही है।
सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि ममकूटाथिल के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज की गई हैं और उनके खिलाफ कम से कम दो अन्य यौन उत्पीड़न के मामले भी लंबित हैं। यह भी कहा गया कि शिकायतकर्ता का गोपनीय बयान दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। आरोपी और महिला के बीच चैट रिकॉर्ड को सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किया गया।
हालांकि, बचाव पक्ष ने कहा कि उनका रिश्ता आपसी सहमति से था और तर्क दिया कि ममकूटाथिल से कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें जमानत पर रिहा किया जाता है तो वे जांच में सहयोग करेंगे।
ज्ञात हो कि ममकूटाथिल को 11 जनवरी की आधी रात को पलक्कड़ के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था। तब से वह पुलिस और न्यायिक हिरासत में हैं।