क्या राहुल गांधी पर मुगल सोच हावी है? 'जी राम जी' योजना का नाम न लेने पर भाजपा का जवाब
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी ने 'जी राम जी' योजना का नाम नहीं लिया।
- भाजपा ने उन पर मुगल सोच का आरोप लगाया है।
- सांसद शांभवी चौधरी ने राहुल गांधी की गंभीरता पर सवाल उठाए।
- महात्मा गांधी की विचारधारा पर आधारित योजना की समीक्षा की जाएगी।
- राजनीतिक बहस का एक नया मोड़।
नई दिल्ली/पटना, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा 'जी राम जी' योजना का नाम न लेने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आक्रामक रुख अपनाया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ल ने कहा कि राहुल गांधी पर मुगल सोच हावी है।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में प्रेम शुक्ल ने कहा, "जिस तरह राहुल गांधी ने योजना में प्रभु राम का जिक्र होने पर उनका नाम नहीं लिया, उससे पता चलता है कि उन पर मुगल सोच हावी है। वे ऐसे व्यक्ति हैं, जो बाबर की कब्र पर जाकर झुके, लेकिन भगवान राम का नाम लेने पर आपत्ति है।"
भाजपा की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं हैं। चाहे वह सदन में चर्चा हो या कोई बिल पेश किया जा रहा हो, वह अक्सर खुद मामले का अध्ययन किए बिना या बैकग्राउंड और बिल को समझे बिना देश और जनता को डराने की कोशिश करते हैं।"
शांभवी चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी झूठ बोलकर यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि वह जनता के हित में बात कर रहे हैं, लेकिन असल में वह खुद ही सही से चीजों का अध्ययन नहीं कर पाते हैं। इसी तरह 'जी राम जी' योजना को लेकर राहुल गांधी गलत एजेंडा चलाने की कोशिश कर रहे हैं।
लोजपा (रामविलास) सांसद ने कहा कि महात्मा गांधी की विचारधारा थी कि ग्रामीणों को सशक्त करना है और ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर व विकसित बनाना है। हम महात्मा गांधी के विचारों पर ही 'जी राम जी' योजना लेकर आए। सरकार की जवाबदेही होती है कि साल दर साल योजना की समीक्षा करके उसे और बेहतर बनाए। जो योजना सालों पहले बनाई गई, उसमें वर्तमान की स्थितियों के अनुसार बदलाव किया जाता है तो यह जनता के हित में है।