ईरान पर हमले को 'इकोसाइड' कहने वाले अराघची: जानें इसका मतलब और ऐतिहासिक संदर्भ
सारांश
Key Takeaways
- इकोसाइड का मतलब है पर्यावरण का बड़े पैमाने पर विनाश।
- यह शब्द पहली बार १९७० में प्रयोग हुआ था।
- इजरायल के हालिया हमलों ने इसे फिर से चर्चा में ला दिया है।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे अपराध मानने की मांग की जा रही है।
- यह जलवायु संकट के बीच महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ईरान में ईंधन भंडारण डिपो पर हुए हमलों को "इकोसाइड" करार दिया है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ऐसे हमले न केवल सैन्य या आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि इसके पर्यावरण और आम जन के स्वास्थ्य पर भी दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। इस बयान के बाद "इकोसाइड" शब्द एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। आइए, जानते हैं इसका अर्थ और यह शब्द पहली बार कब इस्तेमाल हुआ था।
इकोसाइड का मतलब है 'पर्यावरण का बड़े पैमाने पर विनाश।' जब किसी गतिविधि के कारण जंगल, नदियाँ, मिट्टी, हवा या पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर और लंबे समय तक नुकसान होता है, तो इसे इकोसाइड कहा जाता है। यह नुकसान जानबूझकर या लापरवाही से हो सकता है। बड़े पैमाने पर वनों की कटाई, समुद्र या नदियों में तेल और रसायनों का रिसाव, औद्योगिक प्रदूषण या युद्ध के दौरान ऐसी सैन्य कार्रवाई जिससे पर्यावरण को स्थायी क्षति पहुंचे—इन सभी स्थितियों को इकोसाइड के उदाहरण के रूप में देखा जाता है। सरल शब्दों में, जब मानव गतिविधियों के कारण प्रकृति को व्यापक और गंभीर नुकसान होता है, तो इसे इकोसाइड कहा जाता है।
इस शब्द का उपयोग पहली बार १९७० में अमेरिकी वैज्ञानिक आर्थर डब्ल्यू गैल्स्टन द्वारा किया गया था। उस समय वियतनाम युद्ध के दौरान जंगलों को नष्ट करने के लिए बड़े पैमाने पर रासायनिक पदार्थों का उपयोग किया जा रहा था। इनमें सबसे कुख्यात था एजेंट ऑरेंज, जिसके कारण लाखों पेड़-पौधे नष्ट हो गए, मिट्टी और पानी प्रदूषित हो गए और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ा। इस व्यापक पर्यावरणीय विनाश को देखते हुए गैल्स्टन ने इसे "प्रकृति की हत्या" जैसा बताया और इसी संदर्भ में "इकोसाइड" शब्द का प्रयोग किया।
आज भी इस शब्द को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है। हाल ही में इजरायल ने तेहरान स्थित तेल ठिकानों पर हमला किया; इसके बाद जो दृश्य सामने आए, वे भयावह थे। पूरा आसमान धुएँ के गुबार से भर गया था, और फिर काली बारिश ने लोगों की सांसें रोक दीं। ईरान स्थित रेड क्रेसेंट सोसाइटी ने लोगों को अपना ख्याल रखने की सलाह दी और बाहर न निकलने को कहा।
कई पर्यावरण विशेषज्ञ और संगठन चाहते हैं कि इकोसाइड को एक अंतरराष्ट्रीय अपराध घोषित किया जाए। इसके लिए इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट में इसे युद्ध अपराध या नरसंहार की तरह एक गंभीर अपराध के रूप में शामिल करने की मांग की जा रही है। अगर ऐसा होता है, तो किसी देश, कंपनी या संगठन द्वारा बड़े पैमाने पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई संभव हो सकेगी।
जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई, समुद्री प्रदूषण और युद्धों के कारण बढ़ते पर्यावरणीय संकट के बीच "इकोसाइड" शब्द का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि इसे कानूनी अपराध का दर्जा मिलता है, तो सरकारों और कंपनियों पर पर्यावरण की रक्षा करने की जिम्मेदारी और अधिक स्पष्ट और मजबूत हो सकेगी।