पीएम मोदी ने पूर्ण ब्रह्म श्री श्री हरिचंद ठाकुर जी को नमन किया, उनकी शिक्षाएं आज भी प्रेरणा देती हैं
सारांश
Key Takeaways
- पीएम मोदी ने मतुआ धर्म मेला के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।
- उन्होंने श्री श्री हरिचंद ठाकुर जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
- मतुआ संस्कृति समानता और गरिमा को बढ़ावा देती है।
- केंद्र सरकार का मतुआ समुदाय के प्रति समर्पण।
- मतुआ धर्म मेला 2026 का आयोजन उत्तर 24 परगना में होगा।
नई दिल्ली, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतुआ धर्म मेले के संदर्भ में देश भर के श्रद्धालुओं और भागीदारों को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने पूर्ण ब्रह्म श्री श्री हरिचंद ठाकुर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके विचार और शिक्षाएं आज भी लाखों लोगों को शक्ति और आशा देती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा, "मतुआ धर्म मेले के सभी भक्तों और प्रतिभागियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। यह एक खास अवसर है जो पूर्ण ब्रह्म श्री श्री हरिचंद ठाकुर जी की जयंती से जुड़ा हुआ है। मैं उन्हें विनम्र प्रणाम करता हूं। उनके विचार आज भी अनेक लोगों को शक्ति और आशा प्रदान करते हैं। उन्होंने गरिमा, समानता और भक्ति के लिए एक मजबूत आंदोलन की नींव रखी। उन्होंने पीढ़ियों को धर्म, सद्भाव और सामूहिक उत्थान के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।"
उन्होंने आगे कहा, "मतुआ संस्कृति की समृद्ध और जीवंत परंपराएं गहरी आध्यात्मिक शक्ति और समानता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। यह हमारे राष्ट्र के सामाजिक ताने-बाने को समृद्ध करती है। पिछले एक दशक से हमारी सरकार मतुआ समुदाय के कल्याण, सशक्तीकरण और गरिमा के प्रति समर्पित रही है।"
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मतुआ समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, "पूर्ण ब्रह्म श्री श्री हरिचंद ठाकुर जी की २१५वीं जयंती के पावन अवसर पर आयोजित 'मतुआ धर्म मेला' के शुभ अवसर पर, मैं मतुआ समुदाय के अपने सभी भाई-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।"
उन्होंने आगे कहा, "एक दिव्य आत्मा, ठाकुर जी ने हमारे ज्ञान की गहराइयों में उतरकर भक्ति, समानता और नैतिक जीवन के अनमोल मोती निकाले हैं, जो आज हमारे मार्गदर्शक सिद्धांत बने हुए हैं। आशा है कि पश्चिम बंगाल के उत्तर २४ परगना में आयोजित 'मतुआ धर्म मेला २०२६' इन सिद्धांतों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत करेगा।"