मतुआ ठाकुर मंदिर में PM मोदी की पूजा-अर्चना, बनगांव में घुसपैठियों को कड़ी चेतावनी

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मतुआ ठाकुर मंदिर में PM मोदी की पूजा-अर्चना, बनगांव में घुसपैठियों को कड़ी चेतावनी

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतुआ ठाकुर मंदिर में पूजा-अर्चना की और बनगांव की विशाल जनसभा में मतुआ-नामशूद्र समुदाय को नागरिकता का भरोसा दिलाते हुए अवैध घुसपैठियों को कड़ी चेतावनी दी।

Key Takeaways

  • 26 अप्रैल 2025 को पीएम नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मतुआ ठाकुर मंदिर में पूजा-अर्चना की और श्री श्री हरिचंद ठाकुरगुरुचंद ठाकुर को नमन किया।
  • बनगांव विजय संकल्प सभा में पीएम ने मतुआ-नामशूद्र शरणार्थी परिवारों को नागरिकता, पक्का पता और सभी अधिकार देने का वादा किया।
  • अवैध घुसपैठियों को 29 अप्रैल तक भारत छोड़ने की चेतावनी दी और 4 मई के बाद कार्रवाई का ऐलान किया।
  • TMC पर 15 साल में मां-माटी-मानुष के वादे तोड़ने का सीधा आरोप लगाया।
  • मतुआ समुदाय के 30 लाख से अधिक मतदाता बंगाल की 70 से 80 विधानसभा सीटों पर निर्णायक भूमिका में हैं।
  • CAA 2024 की अधिसूचना के बाद यह पीएम का मतुआ बहुल क्षेत्र में पहला बड़ा चुनावी दौरा है।

मतुआ ठाकुर मंदिर में PM मोदी का दर्शन-पूजन

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के अंतिम और निर्णायक चरण के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 26 अप्रैल 2025 को मतुआ ठाकुर मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान उन्होंने श्री श्री हरिचंद ठाकुर और श्री श्री गुरुचंद ठाकुर की पावन स्मृति को नमन किया।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंदिर दर्शन की तस्वीरें साझा कीं और लिखा कि श्री श्री हरिचंद ठाकुर जी और श्री श्री गुरुचंद ठाकुर जी के आदर्श हमारे समाज को निरंतर आलोकित कर रहे हैं।

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने एक पुरानी तस्वीर भी साझा की जिसमें वे बोरो मां के साथ दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने लिखा कि मंदिर में आकर उन्हें कुछ साल पहले की यात्रा याद आई जब उन्हें बोरो मां का आशीर्वाद प्राप्त हुआ था।

बनगांव विजय संकल्प सभा में मतुआ समुदाय से बड़ा वादा

मंदिर दर्शन से पहले पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के बनगांव में आयोजित विजय संकल्प सभा को संबोधित किया। इस जनसभा में उन्होंने मतुआ-नामशूद्र और अन्य शरणार्थी परिवारों को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें नागरिकता, पक्का पता और हर वो अधिकार मिलेगा जो किसी भी भारतवासी को मिलता है।

उल्लेखनीय है कि मतुआ समुदाय मूलतः पूर्वी बंगाल यानी अब के बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू शरणार्थियों का एक बड़ा वर्ग है, जो मुख्यतः उत्तर 24 परगना जिले में बसा हुआ है। नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत इस समुदाय को नागरिकता देने का मुद्दा बंगाल की राजनीति में दशकों से केंद्रीय रहा है।

घुसपैठियों को 29 अप्रैल तक देश छोड़ने की चेतावनी

बनगांव की सभा में पीएम मोदी ने घुसपैठ के मुद्दे पर अत्यंत कड़े शब्दों में कहा कि जो भी अवैध तरीके से बंगाल में घुस आया है और फर्जी दस्तावेज लेकर रह रहा है, वो 29 अप्रैल से पहले बंगाल और हिंदुस्तान छोड़ दे।

उन्होंने आगे कहा कि 4 मई के बाद हर घुसपैठिए को खदेड़ा जाएगा और टीएमसी अब किसी भी घुसपैठिए को बचा नहीं पाएगी। यह बयान राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि बनगांव लोकसभा क्षेत्र बांग्लादेश सीमा से सटा हुआ है।

TMC पर तीखा प्रहार — मां-माटी-मानुष का हिसाब मांगा

जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 15 साल पहले TMC मां-माटी-मानुष की बातें करके सत्ता में आई थी, लेकिन अब इनके मुंह से ये शब्द तक नहीं निकलते।

उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी की निर्ममता ने मां को रुला दिया, माटी को सिंडिकेट और घुसपैठियों के हवाले कर दिया, और बंगाल के मानुष को पलायन के लिए मजबूर कर दिया।

राजनीतिक महत्व और व्यापक संदर्भ

विश्लेषकों के अनुसार मतुआ मंदिर में पीएम का दर्शन महज आध्यात्मिक नहीं बल्कि रणनीतिक भी है। पश्चिम बंगाल में मतुआ समुदाय के लगभग 30 लाख से अधिक मतदाता हैं जो करीब 70 से 80 विधानसभा सीटों पर प्रभाव रखते हैं।

2021 के विधानसभा चुनाव में भी BJP ने इस समुदाय को साधने की कोशिश की थी, लेकिन CAA लागू न होने के कारण समुदाय में नाराजगी देखी गई थी। अब CAA अधिसूचना 2024 के बाद पीएम का यह दौरा उस नाराजगी को दूर करने की स्पष्ट कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में मतगणना और चुनावी परिणाम तय करेंगे कि यह रणनीति कितनी कारगर रही।

Point of View

NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

पीएम मोदी ने मतुआ ठाकुर मंदिर में कब और क्यों पूजा की?
26 अप्रैल 2025 को पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने मतुआ ठाकुर मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह दौरा मतुआ समुदाय के करोड़ों मतदाताओं से जुड़ाव बनाने की रणनीतिक कोशिश भी मानी जा रही है।
मतुआ समुदाय कौन है और बंगाल की राजनीति में इनकी क्या भूमिका है?
मतुआ समुदाय मूलतः पूर्वी बंगाल से विस्थापित हिंदू शरणार्थियों का समूह है जो पश्चिम बंगाल में 30 लाख से अधिक मतदाताओं के साथ 70 से 80 विधानसभा सीटों पर प्रभावशाली है। CAA के तहत नागरिकता इनकी प्रमुख मांग रही है।
पीएम मोदी ने घुसपैठियों को क्या चेतावनी दी?
पीएम मोदी ने बनगांव सभा में कहा कि अवैध घुसपैठिए 29 अप्रैल से पहले बंगाल और भारत छोड़ दें, अन्यथा 4 मई के बाद उन्हें खदेड़ा जाएगा। उन्होंने TMC पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया।
पीएम मोदी ने TMC पर मां-माटी-मानुष को लेकर क्या कहा?
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि TMC ने 15 साल में मां-माटी-मानुष के तीनों वादे तोड़े। उन्होंने कहा कि मां को रुलाया, माटी को सिंडिकेट को सौंपा और बंगाल के लोगों को पलायन के लिए मजबूर किया।
CAA और मतुआ समुदाय की नागरिकता का मुद्दा क्या है?
नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) की अधिसूचना 2024 में जारी हुई जिसके तहत बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता मिलनी है। मतुआ समुदाय इसका सबसे बड़ा लाभार्थी वर्ग माना जाता है हालांकि प्रमाणपत्र वितरण की प्रक्रिया अभी जारी है।
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