दिल्ली विधानसभा का पांचवां सत्र 28 अप्रैल से: बम धमकियों के बाद कड़ी सुरक्षा, मीडिया पर नई पाबंदियां

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दिल्ली विधानसभा का पांचवां सत्र 28 अप्रैल से: बम धमकियों के बाद कड़ी सुरक्षा, मीडिया पर नई पाबंदियां

सारांश

बम धमकियों की पृष्ठभूमि में दिल्ली विधानसभा का पांचवां सत्र 28 अप्रैल को शुरू होगा। मीडिया पर नई पाबंदियां लगाई गई हैं और परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर स्थायी समाधान मांगा है।

Key Takeaways

  • 28 अप्रैल 2025 को सुबह 11 बजे आठवीं दिल्ली विधानसभा का पांचवां सत्र शुरू होगा।
  • बम धमकियों के बाद विधानसभा सचिवालय ने मीडियाकर्मियों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए — गलियारों में साक्षात्कार पर रोक।
  • 25 मार्च और 13 अप्रैल 2025 को विधानसभा की ईमेल आईडी पर बम धमकियां मिलीं, जो झूठी निकलीं।
  • 6 अप्रैल 2025 को सरबजीत सिंह ने विधानसभा परिसर की सुरक्षा दीवार तोड़कर घुसपैठ की।
  • विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा को पत्र लिखकर स्थायी समाधान मांगा।
  • पत्रकार अब केवल परिसर के खुले बाहरी क्षेत्र में ही विधायकों-मंत्रियों का साक्षात्कार ले सकते हैं।

नई दिल्ली: बम धमकियों की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर आठवीं दिल्ली विधानसभा का पांचवां सत्र 28 अप्रैल 2025 को सुबह 11 बजे पुराने सचिवालय स्थित विधानसभा भवन में आयोजित होगा। सुरक्षा एजेंसियों ने इस बार व्यापक एहतियाती उपाय अपनाते हुए मीडियाकर्मियों के लिए नए दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को इसकी पुष्टि की।

मीडिया पर नई पाबंदियां लागू

विधानसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि पत्रकारों को अब विधानसभा भवन के आंतरिक गलियारों में विधायकों या मंत्रियों से बातचीत करने की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय 13 अप्रैल 2025 को मिली झूठी बम धमकी के बाद लिया गया है।

सचिवालय के बयान के अनुसार, पत्रकार केवल विधानसभा परिसर के बाहरी खुले क्षेत्र में मंत्रियों और विधायकों का साक्षात्कार ले सकते हैं। गलियारों में किसी भी प्रकार की मीडिया गतिविधि पर सख्त रोक लगाई गई है।

बम धमकियों का सिलसिला और सुरक्षा चिंताएं

13 अप्रैल 2025 को दिल्ली विधानसभा की आधिकारिक ईमेल आईडी पर सुबह 11:12 बजे एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें विधानसभा परिसर के अंदर विस्फोटकों के उपयोग के दावे किए गए थे। यह इस तरह की पहली घटना नहीं थी।

इससे पहले 25 मार्च 2025 को भी एक धमकी भरा ईमेल आया था, जिसमें दावा किया गया था कि विधानसभा परिसर में आरडीएक्स आधारित 16 देसी बम (आईईडी) लगाए गए हैं और सदन की बैठक से पूर्व दोपहर 1:40 बजे इन्हें विस्फोट किया जाएगा। जांच में यह धमकी झूठी साबित हुई।

इन घटनाओं के बाद विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा को पत्र लिखकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।

परिसर में सुरक्षा उल्लंघन की गंभीर घटना

6 अप्रैल 2025 को दिल्ली विधानसभा परिसर में एक चिंताजनक सुरक्षा चूक सामने आई, जब एक व्यक्ति ने परिसर के उच्च सुरक्षा वाले चारदीवारी द्वार को तोड़कर भीतर प्रवेश किया और बिना किसी रुकावट के फरार हो गया।

बाद में उस व्यक्ति की पहचान सरबजीत सिंह के रूप में हुई, जो पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) से चंडीगढ़ होते हुए दिल्ली तक स्वयं कार चलाकर आया था। यह घटना विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

सुरक्षा खामियों का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा को पिछले कुछ महीनों में एक के बाद एक बम धमकियां मिली हैं, जो एक चिंताजनक पैटर्न की ओर इशारा करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संसद और विधानसभाओं जैसे संवैधानिक संस्थानों को निशाना बनाकर भेजी जाने वाली झूठी धमकियां भी प्रशासनिक संसाधनों और सुरक्षा बलों को अनावश्यक रूप से खपाती हैं।

यह भी उल्लेखनीय है कि 6 अप्रैल की सुरक्षा चूक और 13 अप्रैल की बम धमकी — दोनों घटनाएं महज एक सप्ताह के अंतराल पर हुईं, जो सुरक्षा तंत्र की तैयारियों पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।

आगामी 28 अप्रैल के सत्र में विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था की असली परीक्षा होगी। सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि नए दिशानिर्देश और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था संवैधानिक कार्यवाही को निर्बाध रूप से संपन्न करा पाती है या नहीं।

Point of View

बल्कि एक गहरी संस्थागत कमजोरी को उजागर करता है। जब देश की राजधानी की विधानसभा को बार-बार निशाना बनाया जा सकता है और एक व्यक्ति सुरक्षा दीवार तोड़कर भाग जाता है, तो यह प्रश्न उठता है कि सुरक्षा एजेंसियां इन घटनाओं से सबक क्यों नहीं ले पा रहीं। मीडिया पर पाबंदी लगाना एक प्रतिक्रियात्मक कदम है, न कि दीर्घकालिक समाधान — असली जरूरत साइबर सुरक्षा और भौतिक सुरक्षा दोनों मोर्चों पर ठोस सुधार की है। जब तक धमकियां भेजने वालों की पहचान और गिरफ्तारी नहीं होती, यह खेल जारी रहेगा और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा दांव पर बनी रहेगी।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली विधानसभा का अगला सत्र कब शुरू होगा?
आठवीं दिल्ली विधानसभा का पांचवां सत्र 28 अप्रैल 2025 को सुबह 11 बजे पुराने सचिवालय स्थित विधानसभा भवन में शुरू होगा। यह सत्र बम धमकियों के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित किया जाएगा।
दिल्ली विधानसभा को बम की धमकी कब और कैसे मिली?
दिल्ली विधानसभा को 25 मार्च और 13 अप्रैल 2025 को ईमेल के जरिए बम धमकियां मिलीं। 25 मार्च की धमकी में 16 आरडीएक्स आधारित आईईडी की बात कही गई थी, जो जांच में झूठी निकली।
दिल्ली विधानसभा में मीडिया पर क्या नई पाबंदियां लगाई गई हैं?
विधानसभा सचिवालय ने आदेश दिया है कि पत्रकार अब भवन के आंतरिक गलियारों में विधायकों या मंत्रियों से बातचीत नहीं कर सकते। साक्षात्कार केवल परिसर के बाहरी खुले क्षेत्र में ही लिए जा सकते हैं।
सरबजीत सिंह कौन है और उसने दिल्ली विधानसभा में क्या किया?
सरबजीत सिंह पीलीभीत, उत्तर प्रदेश का निवासी है जिसने 6 अप्रैल 2025 को दिल्ली विधानसभा परिसर की उच्च सुरक्षा वाली चारदीवारी का द्वार तोड़कर भीतर घुसपैठ की और फरार हो गया। वह चंडीगढ़ होते हुए दिल्ली तक खुद कार चलाकर आया था।
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बम धमकियों पर क्या कदम उठाया?
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा को पत्र लिखकर बम धमकियों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। यह पत्र 13 अप्रैल की धमकी के बाद लिखा गया।
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