मतुआ ठाकुर मंदिर में PM मोदी ने की पूजा, बंगाल चुनाव के बीच घुसपैठियों को कड़ी चेतावनी
सारांश
Key Takeaways
- PM नरेंद्र मोदी ने 26 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल के मतुआ ठाकुर मंदिर में पूजा-अर्चना की।
- श्री श्री हरिचंद ठाकुर और श्री श्री गुरुचंद ठाकुर के आदर्शों को नमन किया और बोरो मां की स्मृति साझा की।
- बोनगांव की विजय संकल्प सभा में घुसपैठियों को 29 अप्रैल तक बंगाल छोड़ने और 4 मई के बाद कार्रवाई की चेतावनी दी।
- मतुआ-नामशूद्र समुदाय को CAA के तहत नागरिकता और सभी अधिकार देने का भरोसा दिलाया।
- TMC पर मां-माटी-मानुष का वादा भुलाने और बंगाल में घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
- मतुआ समुदाय बंगाल की 30 से अधिक सीटों पर निर्णायक प्रभाव रखता है इसलिए यह यात्रा चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
कोलकाता, 26 अप्रैल 2026 — पश्चिम बंगाल में जारी चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मतुआ ठाकुर मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। इस पावन अवसर पर उन्होंने श्री श्री हरिचंद ठाकुर और श्री श्री गुरुचंद ठाकुर के आदर्शों को नमन किया। मंदिर दर्शन के बाद पीएम मोदी ने बनगांव में विजय संकल्प सभा को संबोधित करते हुए घुसपैठियों को 29 अप्रैल तक बंगाल छोड़ने की कड़ी चेतावनी दी।
मतुआ मंदिर में दर्शन और बोरो मां की स्मृति
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंदिर में दर्शन की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने लिखा कि आज दिन में उन्होंने मतुआ ठाकुर मंदिर में पूजा-अर्चना की और श्री श्री हरिचंद ठाकुर जी तथा श्री श्री गुरुचंद ठाकुर जी के आदर्श समाज को निरंतर आलोकित कर रहे हैं।
एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने अपनी पुरानी यात्रा की एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वे बोरो मां के साथ नजर आए। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में लिखा कि इस मंदिर की पिछली यात्रा में उन्हें बोरो मां का आशीर्वाद प्राप्त हुआ था, जिसकी स्मृति आज भी उनके मन में ताजा है।
मतुआ समुदाय को नागरिकता का भरोसा
बनगांव की विजय संकल्प सभा में पीएम मोदी ने मतुआ-नामशूद्र और अन्य शरणार्थी परिवारों को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें नागरिकता भी मिलेगी, पक्का एड्रेस मिलेगा और हर वो हक मिलेगा जो किसी भी भारतवासी को मिलता है।
उल्लेखनीय है कि मतुआ समुदाय बंगाल की राजनीति में एक निर्णायक मतदाता वर्ग माना जाता है, विशेषकर बनगांव, रानाघाट और बोनगांव लोकसभा क्षेत्रों में। नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के क्रियान्वयन को लेकर इस समुदाय की लंबे समय से मांग रही है, जिसे भाजपा अपने प्रमुख चुनावी एजेंडे के रूप में प्रस्तुत करती आई है।
घुसपैठियों को सख्त चेतावनी
पीएम मोदी ने बोनगांव की सभा में कड़े शब्दों में कहा कि जो भी अवैध तरीके से बंगाल में घुस आया है और फर्जी दस्तावेजों के साथ रह रहा है, वो 29 अप्रैल से पहले बंगाल और हिंदुस्तान छोड़ दे। उन्होंने चेताया कि 4 मई के बाद हर घुसपैठिए को खदेड़ा जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) अब किसी भी घुसपैठिए को बचाने में सक्षम नहीं होगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच चुका है।
TMC पर मां-माटी-मानुष को भुलाने का आरोप
जनसभा में पीएम मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 15 साल पहले TMC मां-माटी-मानुष की बातें करके सत्ता में आई थी, लेकिन अब इनके मुंह से ये शब्द तक नहीं निकलते।
उन्होंने आरोप लगाया कि TMC की नीतियों ने माताओं को रुलाया, जमीन को सिंडिकेट और घुसपैठियों के हवाले किया और बंगाल के आम लोगों को पलायन के लिए मजबूर किया। यह आरोप भाजपा के उस व्यापक चुनावी आख्यान का हिस्सा है जिसमें बंगाल में कानून-व्यवस्था और घुसपैठ को केंद्रीय मुद्दा बनाया गया है।
राजनीतिक विश्लेषण: मतुआ वोट बैंक की अहमियत
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार मतुआ समुदाय पश्चिम बंगाल की लगभग 30 से अधिक विधानसभा सीटों पर प्रभावशाली है। 2019 और 2021 के चुनावों में इस समुदाय का झुकाव भाजपा की ओर देखा गया था। CAA को लेकर किया गया वादा और मंदिर दर्शन दोनों मिलकर एक सुनियोजित चुनावी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होते हैं।
आने वाले दिनों में 4 मई 2026 के बाद बंगाल में प्रशासनिक कार्रवाई की दिशा और चुनाव परिणामों का असर दोनों पर देश की नजर टिकी रहेगी।