क्या राहुल गांधी की यात्रा में भाषाई मर्यादा टूट रही है? सांसद विश्वास सारंग की मांग

सारांश
Key Takeaways
- विश्वास सारंग ने राहुल गांधी की टिप्पणियों को अस्वीकार्य बताया।
- कांग्रेस की यात्रा में भाषाई मर्यादा का उल्लंघन हुआ।
- सारंग ने राहुल से माफी की मांग की।
- राजनीतिक मर्यादाएं लोकतंत्र का हिस्सा हैं।
- राहुल गांधी की यात्रा 1,300 किलोमीटर की है।
भोपाल, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला किया है। 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान मंच से की गई अशोभनीय टिप्पणी को उन्होंने अस्वीकार्य बताते हुए इसे कांग्रेस का असली चरित्र करार दिया।
वास्तव में, बिहार के सासाराम से शुरू हुई कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा में भाषा की मर्यादा टूट रही है। दरभंगा जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्दों का उपयोग किया गया।
इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि बिहार के दरभंगा में 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र और अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया गया, जो कांग्रेस के असली चरित्र को दर्शाता है।
उन्होंने इसे राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में ऐसी गाली-गलौज की कोई जगह नहीं है और यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
सारंग ने राहुल गांधी को संस्कारहीन बताते हुए उनकी इस हरकत को चौंकाने वाला और शर्मनाक ठहराया।
उन्होंने नेहरू परिवार पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए दावा किया कि कांग्रेस अपनी कुंठा निकालने और राजनीतिक लाभ के लिए पीएम मोदी जैसे वैश्विक नेता के खिलाफ गाली-गलौज को बढ़ावा दे रही है।
सारंग ने इस व्यवहार को लोकतंत्र के लिए अस्वीकार्य बताते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी से माफी की मांग की और चेतावनी दी कि देश की जनता इसे माफ नहीं करेगी।
उन्होंने कहा, "अपनी राजनीतिक कुंठा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग अक्षम्य है। इस कृत्य के लिए राहुल गांधी को जनता से माफी मांगनी चाहिए।"
गौरतलब है कि राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' 17 अगस्त को बिहार के सासाराम से शुरू हुई थी। यह यात्रा लगभग 20 जिलों से होकर गुजरेगी और 1,300 किलोमीटर का सफर पूरा करेगी। एक सितंबर को पटना में एक बड़ी रैली के साथ यात्रा का समापन होगा।
गुरुवार को राहुल गांधी सीतामढ़ी के जानकी मंदिर पहुंचे और गर्भगृह में जाकर माता की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया।