क्या राजस्थान में पूर्व उपप्रधान को मुख्यमंत्री के ज्ञापन देने जाते समय पुलिस ने डिटेन किया?
सारांश
Key Takeaways
- पुलिस ने सुरक्षा कारणों से पूर्व उपप्रधान को डिटेन किया।
- मनुदेव सिनसिनी ने शांतिपूर्ण ज्ञापन देने का प्रयास किया।
- यह घटना स्थानीय राजनीति में विवाद का कारण बनी।
- मनुदेव ने अपनी स्थिति को सार्वजनिक किया।
- ज्ञापन देने के लिए पहुंचे थे मुख्यमंत्री के पास।
डीग, १ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के डीग जिले के पूंछरी के लौठा में बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित आगमन के समय एक हलचल देखने को मिली, जब स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने पहुँचे पूर्व उपप्रधान मनुदेव सिनसिनी को पुलिस ने उनके साथियों सहित डिटेन कर लिया। जानकारी मिली है कि पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से यह कार्रवाई की।
बताया गया है कि मनुदेव सिनसिनी अपने आधा दर्जन से अधिक साथियों के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को तीन सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपने के लिए पूंछरी के लौठा पहुँचे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोक लिया और बाद में डिटेन कर लिया। मनुदेव सिनसिनी ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाना चाहते थे, लेकिन ज्ञापन देने से पहले ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार को पैघोर में आयोजित पंचायत कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मनुदेव सिनसिनी पूंछरी के लौठा पहुँचे थे। जैसे ही उन्होंने मीडिया से बातचीत की, उसके बाद पुलिस ने उन्हें ७ से ८ लोगों के साथ डिटेन कर लिया। मनुदेव के साथ रिंकू, जीतू, जोगिंदर, अजय सहित अन्य लोग भी मौजूद थे। समाचार लिखे जाने तक पुलिस द्वारा मनुदेव सिनसिनी और उनके सभी साथियों को कामां थाना में रखा गया था।
डिटेन किए जाने के बाद बुधवार शाम मनुदेव सिनसिनी ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस के जरिए लोगों को अपनी स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने स्टेटस में लिखा, "आप सबके आशीर्वाद से मैं सकुशल हूं।"