राजस्थान के दो जिलों में भीषण आग: धानुका व भिवाड़ी कंपनी जलकर राख, लाखों का नुकसान
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ और भिवाड़ी जिलों में रविवार, 25 अक्टूबर को दो अलग-अलग औद्योगिक इकाइयों में भीषण आग लग गई। दोनों घटनाओं में लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ, हालाँकि राहत की बात यह रही कि किसी भी हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
पहली घटना: केशवाना औद्योगिक क्षेत्र में धानुका कंपनी
कोटपूतली-बहरोड़ जिले के केशवाना औद्योगिक क्षेत्र में स्थित धानुका कंपनी में सुबह करीब 9 बजे आग भड़क उठी। दमकल विभाग के कर्मी मेघराज के अनुसार, कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही नीमराणा, बहरोड़, सोतानाला और कोटपूतली से आधा दर्जन दमकल गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुँचे।
यह कंपनी जैविक खाद और कृषि में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों के निर्माण के लिए जानी जाती है। आग लगने का कारण अभी तक अज्ञात है। कंपनी परिसर में ज्वलनशील सामग्री — खाद और कृषि रसायन — की मौजूदगी को देखते हुए अधिकारियों ने स्थिति को गंभीरता से लिया और बड़े पैमाने पर दमकल बल तैनात किया।
दूसरी घटना: भिवाड़ी के खुशखेड़ा में मल्टी स्पेशलिटी कंपनी
भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में संचालित मल्टी स्पेशलिटी कंपनी में रविवार सुबह करीब 10.30 बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। यह कंपनी प्लास्टिक आइटम बनाती है और परिसर में बड़ी मात्रा में केमिकल व प्लास्टिक का भंडार था, जिसके कारण आग तेज़ी से फैली और चंद सेकंड में पूरे प्लांट को अपनी चपेट में ले लिया।
खुशखेड़ा स्थित रीको फायर स्टेशन को सूचना मिलते ही आधा दर्जन से अधिक दमकल गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। इसके बावजूद आधे घंटे के भीतर पूरा प्लांट जलकर राख हो गया।
आग पर काबू पाने का प्रयास
भिवाड़ी नगर परिषद और रीको फायर स्टेशन से पहुँची टीमें न केवल आग बुझाने में जुटी रहीं, बल्कि आसपास के प्लांटों में आग फैलने से रोकने में भी सफल रहीं। आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों से भी अतिरिक्त दमकल गाड़ियाँ बुलाई गईं। दोनों घटनाओं में सौभाग्य से किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
कारण और जाँच
दोनों ही कंपनियों में आग लगने के सटीक कारण अभी अज्ञात हैं। कोटपूतली की धानुका कंपनी में कृषि रसायनों की उपस्थिति और भिवाड़ी की प्लास्टिक इकाई में केमिकल का भंडार — दोनों ही मामलों में ज्वलनशील सामग्री ने आग को विकराल रूप दिया। जाँच एजेंसियाँ दोनों घटनाओं के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं।
गौरतलब है कि राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों में इस तरह की आग की घटनाएँ प्रायः ज्वलनशील कच्चे माल के भंडारण और अग्नि-सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करती हैं। आगे की जाँच से स्पष्ट होगा कि इन इकाइयों में अग्निशमन व्यवस्था पर्याप्त थी या नहीं।