राजस्थान मतदाता पंजीकरण अभियान: 14 दिन में 4.80 लाख से अधिक फॉर्म-6 आवेदन दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान में 1 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान के तहत 14 अक्टूबर तक 4,80,893 फॉर्म-6 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जो इस अभियान की व्यापक पहुँच का प्रमाण है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि यह पहल भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप चलाई जा रही है, जिसका लक्ष्य सभी पात्र नागरिकों — विशेष रूप से पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं — को मतदाता सूची में शामिल करना है।
आयु वर्ग के अनुसार आवेदनों का विवरण
18-19 वर्ष के युवा मतदाताओं की ओर से 2,67,946 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि 20 वर्ष और उससे अधिक आयु के पात्र नागरिकों से 2,12,947 आवेदन दर्ज किए गए हैं। इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल आवेदनों की संख्या 4,80,893 तक पहुँच गई है। गौरतलब है कि 18-19 वर्ष के आयु वर्ग की हिस्सेदारी कुल आवेदनों में लगभग 55% से अधिक है, जो युवा मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है।
मुख्य घटनाक्रम और क्रियान्वयन तंत्र
अभियान को ज़मीनी स्तर तक ले जाने के लिए इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC), बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) और SVEEP (Systematic Voters' Education and Electoral Participation) कार्यक्रम के अंतर्गत टीमें समन्वित रूप से काम कर रही हैं। राज्यभर के स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जहाँ पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है और युवाओं को प्रेरित किया जा रहा है।
आवेदन कैसे करें
पात्र नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल या ECINet प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म-6 जमा कर सकते हैं। इसके अलावा, अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के माध्यम से भी ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने स्पष्ट किया कि अभियान का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में अगले विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। पंजीकरण की यह रफ्तार बताती है कि युवा मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं। आलोचकों का मानना है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पंजीकरण दर में अंतर को पाटने के लिए और अधिक लक्षित प्रयासों की आवश्यकता है।
क्या होगा आगे
अभियान 31 अक्टूबर 2026 तक जारी रहने की संभावना है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, प्रत्येक जिले में आवेदनों की नियमित समीक्षा की जा रही है और सत्यापन प्रक्रिया को तेज़ करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि अभियान के समापन तक आवेदनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।