राजस्थान मतदाता सूची में 2.40 लाख नए मतदाता जुड़े, SSR अभियान में 18-19 आयु वर्ग अग्रणी
सारांश
मुख्य बातें
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देशों पर 1 से 20 अक्टूबर 2026 तक चलाए गए विशेष सारांश संशोधन (SSR) अभियान के तहत राजस्थान की मतदाता सूची में 2,40,534 पात्र मतदाता जोड़े गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने 21 अक्टूबर 2026 को यह जानकारी देते हुए बताया कि अभियान में 18-19 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं के पंजीकरण पर विशेष ज़ोर दिया गया।
आवेदन और पंजीकरण के आँकड़े
अभियान अवधि के दौरान प्रपत्र-6 के ज़रिए सभी आयु वर्गों से कुल 7,78,147 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 18-19 आयु वर्ग से 4,30,701 आवेदन आए, जिनमें 1 अक्टूबर 2026 तक प्राप्त 31,600 अग्रिम आवेदन भी शामिल हैं। 20 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों से 3,47,446 आवेदन दर्ज हुए।
कुल 7,78,147 आवेदनों में से 3,52,778 आवेदनों पर निर्धारित सात दिवसीय आपत्ति अवधि समाप्त होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। शेष आवेदनों पर प्रक्रिया अभी जारी है।
कितने मतदाता सूची में शामिल हुए
मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (ERO) द्वारा अनुकूल निर्णय लिए जाने के बाद 2,40,534 पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में दर्ज किया गया। इनमें 18-19 आयु वर्ग के 1,39,972 मतदाता शामिल हैं, जो इस वर्ग के कुल आवेदनों का 58 प्रतिशत है। 20 वर्ष और उससे अधिक आयु के 1,00,562 मतदाता जोड़े गए, जो उस वर्ग के कुल आवेदनों का 54 प्रतिशत है।
अग्रणी जिले और पिछड़े निर्वाचन क्षेत्र
18-19 आयु वर्ग के पंजीकरण में आवेदन प्रतिशत के आधार पर अग्रणी जिलों में बूंदी, भरतपुर, धौलपुर, करौली, अलवर, टोंक, बालोतरा, चूरू, कोटपुतली-बेहरोर और सवाई माधोपुर शामिल हैं। 20 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में जयपुर, अलवर, चूरू, करौली, जोधपुर, सीकर, उदयपुर, भीलवाड़ा, पाली और बांसवाड़ा शीर्ष पर रहे।
दूसरी ओर, समीक्षा में नोखा, रामगंज मंडी, बाड़मेर, शिव, घाटोल, दंतारामगढ़, सांगोद और छोटान — इन आठ विधानसभा क्षेत्रों को लगातार कमज़ोर प्रदर्शन के कारण चेतावनी जारी की गई है। संबंधित ERO को युवाओं के पंजीकरण में तेज़ी लाने और दैनिक प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार की प्राथमिकता और आगे की राह
महाजन ने स्पष्ट किया कि योग्य नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। अभियान का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में निर्वाचन आयोग युवा मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष बल दे रहा है। गौरतलब है कि 18-19 आयु वर्ग की ऊँची भागीदारी दर्शाती है कि युवाओं में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति रुचि बढ़ रही है, जो भविष्य के चुनावों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।