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क्या बिहार में 2 लाख से अधिक मतदाताओं ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं?

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क्या बिहार में 2 लाख से अधिक मतदाताओं ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं?

सारांश

बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी में 2,27,636 मतदाताओं द्वारा आपत्तियां दर्ज की गई हैं। पहली बार वोट देने वाले युवाओं की संख्या बढ़ रही है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी रुचि स्पष्ट हो रही है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ चल रही है।

मुख्य बातें

2,27,636 मतदाताओं ने आपत्तियां दर्ज की हैं।
13 लाख नए नाम जोड़ने की संभावना है।
सीपीआई (एमएल) ने 118 दावे और आपत्तियां दाखिल की हैं।
आयोग ने 7 दिनों में 33,771 आवेदन निपटाए हैं।
आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त है।

पटना, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इस बीच, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर आपत्तियां सामने आई हैं।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, अब तक 2,27,636 मतदाताओं ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में प्रविष्टियों पर आपत्तियां और दावे दर्ज किए हैं। इनमें से 29,872 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए और 1,97,764 आवेदन मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए प्रस्तुत किए गए हैं। आयोग ने पिछले 7 दिनों में 33,771 आवेदन निपटाए हैं।

इस प्रक्रिया में सबसे उत्साहजनक संकेत पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं से मिल रहे हैं। अगस्त महीने में ही 13,33,793 युवाओं ने फॉर्म-6 के तहत अपने नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए आवेदन किया है।

चुनाव आयोग के एक अधिकारी के अनुसार, यह संख्या यह दर्शाती है कि युवाओं में लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने की गहरी रुचि है। यदि सभी आवेदन मंजूर होते हैं, तो इस साल 13 लाख नए नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। आयोग ने यह भी बताया कि पिछले 7 दिनों में इससे जुड़े 61,248 आवेदन निपटाए गए हैं।

आयोग की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। राज्य में 12 राजनीतिक दलों के 1,60,813 बीएलए सक्रिय रूप से मतदाताओं की सहायता कर रहे हैं। इनमें से सीपीआई (एमएल) के बीएलए ने सर्वाधिक 118 दावे और आपत्तियां दाखिल कीं, जबकि आरजेडी के एजेंट्स ने शनिवार तक 10 फॉर्म सबमिट किए।

सीपीआई (एमएल) द्वारा दाखिल किए गए 118 दावों और आपत्तियों में 15 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए और 103 आवेदन सूची से नाम हटाने के लिए थे। अधिकारियों ने कहा कि राजनीतिक दलों, मतदाताओं और आयोग के प्रयासों से इस पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने में मदद मिल रही है।

इससे पहले, एसआईआर अभियान के तहत 65 लाख से अधिक नामों को सूची से हटा दिया गया था, जिनमें अवैध या डुप्लिकेट प्रविष्टियां शामिल थीं। दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना महत्वपूर्ण है कि बिहार के युवा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी बढ़ा रहे हैं। यह न केवल चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाता है बल्कि सामाजिक जागरूकता भी बढ़ाता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में कितने मतदाता आपत्तियां दर्ज कर चुके हैं?
बिहार में अब तक 2,27,636 मतदाताओं ने आपत्तियां दर्ज की हैं।
मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के लिए कितने आवेदन किए गए हैं?
29,872 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए किए गए हैं।
क्या पहली बार वोट देने वाले युवाओं की संख्या बढ़ रही है?
हाँ, अगस्त महीने में 13,33,793 युवाओं ने अपने नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया है।
आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि क्या है?
आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त है।
बूथ लेवल एजेंट्स का क्या योगदान है?
1,60,813 बूथ लेवल एजेंट्स मतदाताओं की सहायता कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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