राजस्थान पंचायत चुनाव: 10 अक्टूबर को उम्मीदवार उन्मुखीकरण कार्यक्रम, 1.55 लाख जनप्रतिनिधियों का होगा चुनाव
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों की तैयारी के तहत 10 अक्टूबर 2026 को प्रदेशभर में पंचायत समिति स्तर पर उम्मीदवार उन्मुखीकरण (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इन कार्यक्रमों में संभावित प्रत्याशियों को नामांकन प्रक्रिया, पात्रता शर्तें और आवश्यक दस्तावेज़ों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इन चुनावों में कुल लगभग 1.55 लाख जनप्रतिनिधियों का चुनाव किया जाना है।
उम्मीदवार उन्मुखीकरण कार्यक्रम की रूपरेखा
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इन ओरिएंटेशन कार्यक्रमों में संभावित उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया, पात्रता की शर्तें, आवश्यक दस्तावेज़ और नामांकन पत्र भरते समय बरती जाने वाली सावधानियाँ बताई जाएंगी। इसके अलावा यह भी बताया जाएगा कि किन परिस्थितियों में नामांकन पत्र खारिज हो सकता है।
राजेश्वर सिंह ने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उम्मीदवार सही और पूरी जानकारी के साथ नामांकन दाखिल कर सकें, ताकि तकनीकी त्रुटियों के कारण वैध पर्चे निरस्त न हों।
मतदाता जागरूकता वीडियो कॉन्फ्रेंस की समीक्षा
ये निर्देश 8 अक्टूबर 2026 को जयपुर स्थित राज्य निर्वाचन आयोग के सभागार में आयोजित मतदाता जागरूकता संबंधी वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान दिए गए, जिसकी अध्यक्षता स्वयं राजेश्वर सिंह ने की। बैठक में शहरी निकायों के आम चुनावों में चलाए गए स्वीप (SVEEP) कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ ही आगामी पंचायती राज चुनावों के लिए प्रस्तावित मतदाता जागरूकता गतिविधियों का आकलन भी किया गया।
राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस की शुरुआत स्वागत भाषण से की। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सरकारी कॉलेजों के प्राचार्य, कॉलेजों के ईएलसी नोडल अधिकारी और कैंपस एम्बेसडर भी शामिल हुए।
लोकतंत्र थीम पर विशेष आयोजनों के निर्देश
राजेश्वर सिंह ने अधिकारियों को 'एक शाम लोकतंत्र के नाम', 'एक पेड़ लोकतंत्र के नाम', 'एक दीप लोकतंत्र के नाम' और 'एक खेल लोकतंत्र के नाम' जैसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मतदाता संदेश बोर्ड से युक्त आदर्श मतदान केंद्र स्थापित करने और नुक्कड़ नाटक, चुनाव चौपाल तथा युवा एवं महिला मतदाताओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित करने पर भी ज़ोर दिया।
इसके अलावा प्रत्येक पंचायत समिति क्षेत्र में कम से कम एक ग्रीन एंड क्लीन मतदान केंद्र स्थापित करने का निर्देश दिया गया। मेहंदी प्रतियोगिता, मोटरसाइकिल और साइकिल रैली, सतरंगी सप्ताह, मैराथन और मतदाता प्रश्नोत्तरी जैसे कार्यक्रमों के आयोजन पर भी बल दिया गया।
युवा और महिला मतदाताओं पर विशेष ध्यान
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने मतदाता साक्षरता क्लबों (Voter Literacy Clubs) के छात्र कैंपस एम्बेसडरों से भी सीधा संवाद किया और उनके द्वारा संचालित स्वीप गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के बीच जागरूकता बढ़ाने को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत ग्रामीण स्वशासन की एक महत्वपूर्ण इकाई है। राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरपंच और अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि सीधे ग्रामीणों से जुड़े होते हैं और गाँवों की ज़रूरतों को पूरा करने तथा विकास कार्यों को गति देने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और लगभग 1.55 लाख जनप्रतिनिधियों के पदों के लिए मतदान होना है। आयोग की यह पहल सुनिश्चित करती है कि जमीनी लोकतंत्र को मजबूत करने में उम्मीदवारों और मतदाताओं — दोनों की — सक्रिय एवं सूचित भागीदारी हो।