राजस्थान शहरी निकाय चुनाव 2026: राज्य चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों संग बैठक की, 9 और 11 सितंबर को मतदान
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह की अध्यक्षता में 21 अगस्त 2026 को जयपुर के सरकारी सचिवालय परिसर स्थित राज्य चुनाव आयोग के सम्मेलन कक्ष में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। यह बैठक इसलिए भी ऐतिहासिक महत्व रखती है क्योंकि राजस्थान के इतिहास में पहली बार 309 शहरी स्थानीय निकायों में एक साथ चुनाव कराए जा रहे हैं।
बैठक में क्या हुआ
बैठक में आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराने की तैयारियों पर गहन विचार-विमर्श किया। विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को चुनाव के प्रमुख पहलुओं — महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधान, चुनाव कार्यक्रम, मतदाता सूची, नामांकन प्रक्रिया, मतदान व्यवस्था, आदर्श आचार संहिता और चुनाव व्यय — की जानकारी दी गई।
आयोग ने सुचारू चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उपायों पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सुझाव और विचार भी आमंत्रित किए।
राज्य चुनाव आयुक्त का संदेश
राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह ने स्पष्ट कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी राजनीतिक दलों का सक्रिय सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने सभी दलों और उम्मीदवारों से अपील की कि वे चुनाव संबंधी नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मज़बूत बनाएँ।
सिंह ने आदर्श आचार संहिता के प्रभावी अनुपालन पर विशेष ज़ोर दिया और स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के साथ-साथ चुनाव प्रक्रिया को नियंत्रित करने वाले लागू कानूनी प्रावधानों का सख्ती से पालन करना होगा।
चुनाव कार्यक्रम
राजस्थान में 309 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव बुधवार शाम 4 बजे आधिकारिक रूप से घोषित किए गए। राज्य चुनाव आयोग इन चुनावों को दो चरणों में संपन्न कराएगा — पहले चरण का मतदान 9 सितंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर को होगा। मतगणना और परिणाम 14 सितंबर 2026 को घोषित किए जाएंगे।
ऐतिहासिक पहल
गौरतलब है कि राजस्थान के इतिहास में यह पहला अवसर है जब सभी 309 शहरी स्थानीय निकायों में एक साथ चुनाव कराए जा रहे हैं। यह कदम चुनावी प्रशासन में पारदर्शिता और दक्षता की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। बैठक में आयोग के सचिव राजेश वर्मा, राज्य चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
आगे क्या होगा
नामांकन प्रक्रिया और अन्य चुनावी गतिविधियाँ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू होंगी। राजनीतिक दलों से अपेक्षा की गई है कि वे आचार संहिता का पालन करते हुए अपने प्रचार अभियान चलाएँ, ताकि 14 सितंबर को निष्पक्ष परिणाम घोषित किए जा सकें।