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राजस्थान निकाय चुनाव 2026: आयुक्त राजेश्वर सिंह की अधिकारियों को कड़ी चेतावनी, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

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राजस्थान निकाय चुनाव 2026: आयुक्त राजेश्वर सिंह की अधिकारियों को कड़ी चेतावनी, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

सारांश

राजस्थान के राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह ने शहरी निकाय चुनाव 2026 को लेकर अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया है — लापरवाही नहीं चलेगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुए प्रशिक्षण सत्र में जिलेवार तैयारियों की समीक्षा हुई और दिव्यांगजनों की सुविधाओं से लेकर मतदाता सूची अद्यतन तक सख्त निर्देश जारी किए गए।

मुख्य बातें

राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह ने 24 अगस्त 2026 को रिटर्निंग अधिकारियों के प्रशिक्षण सत्र में चुनाव ड्यूटी में लापरवाही पर कड़ी चेतावनी दी।
सत्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जयपुर के सरकारी सचिवालय से आयोजित हुआ, जिसमें सभी जिलों के अधिकारी शामिल हुए।
मतदाता सूची अद्यतन, दिव्यांगजनों की सुविधाएं और संवेदनशील मतदान केंद्रों की तैयारियों की समीक्षा की गई।
कुछ जिलों में गंभीरता की कमी पर आयुक्त ने विशेष नाराजगी जताई और समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए।
नामांकन, मतदान और मतगणना — तीनों चरणों की जिम्मेदारियाँ रिटर्निंग अधिकारियों को विस्तार से समझाई गईं।

राजस्थान के राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह ने 24 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि आगामी शहरी स्थानीय निकाय आम चुनाव-2026 की तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कुछ जिलों में गंभीरता की कमी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सौंपे गए कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।

प्रशिक्षण सत्र में दी गई चेतावनी

यह कड़ा संदेश सोमवार को जयपुर स्थित सरकारी सचिवालय के राज्य चुनाव आयोग के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित रिटर्निंग अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान दिया गया। यह सत्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालित हुआ, जिसमें राज्य के सभी जिलों के अधिकारियों ने भाग लिया। आयुक्त सिंह ने स्वयं इस सत्र की अध्यक्षता की और जिलेवार तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया।

मुख्य समीक्षा बिंदु

आयुक्त ने मतदाता सूची में संशोधन और अद्यतन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पात्र मतदाताओं का नाम सूची में दर्ज हो। इसके साथ ही दिव्यांगजनों और सहायता की आवश्यकता वाले अन्य मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

संवेदनशील और अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई और उनके सवालों के जवाब दिए गए।

रिटर्निंग अधिकारियों को दिए निर्देश

रिटर्निंग अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न चरणों — नामांकन, मतदान और मतगणना — तथा उनकी विशिष्ट जिम्मेदारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। आयुक्त सिंह ने चुनाव से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी और समस्याओं के समय पर समाधान पर जोर दिया।

निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव का संकल्प

आयुक्त ने सभी अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय और पूर्ण गंभीरता की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हो सके। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियाँ अपने अहम दौर में हैं और प्रशासनिक तंत्र को चाक-चौबंद करना प्राथमिकता बन गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसका खामियाजा मतदाताओं को भुगतना पड़ता है। दिव्यांगजनों की सुविधाओं और मतदाता सूची की सटीकता पर जोर देना सकारात्मक संकेत है, लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी — निर्देश देना और उनका पालन सुनिश्चित करना दो अलग चुनौतियाँ हैं।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान शहरी स्थानीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर आयुक्त ने क्या चेतावनी दी?
राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह ने स्पष्ट किया कि शहरी निकाय चुनाव 2026 की तैयारियों में किसी भी अधिकारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
रिटर्निंग अधिकारियों का प्रशिक्षण सत्र कहाँ और कैसे आयोजित हुआ?
यह प्रशिक्षण सत्र 24 अगस्त 2026 को जयपुर स्थित सरकारी सचिवालय के राज्य चुनाव आयोग के कॉन्फ्रेंस हॉल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित किया गया। इसमें राज्य के सभी जिलों के अधिकारियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण सत्र में किन विषयों की समीक्षा की गई?
आयुक्त ने मतदाता सूची अद्यतन, दिव्यांगजनों के लिए मतदान केंद्रों पर सुविधाओं और संवेदनशील व अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों की तैयारियों की समीक्षा की। रिटर्निंग अधिकारियों को नामांकन, मतदान और मतगणना की विशिष्ट जिम्मेदारियाँ भी समझाई गईं।
किन जिलों पर आयुक्त ने नाराजगी जताई?
आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कुछ जिलों में गंभीरता की कमी पर नाराजगी जताई, हालांकि उन्होंने किसी विशेष जिले का नाम नहीं लिया। उन्होंने सभी जिलों को चेतावनी दी कि चुनाव आयोग के निर्देशों का सख्ती से पालन अनिवार्य है।
राजस्थान में शहरी निकाय चुनाव क्यों महत्वपूर्ण हैं?
शहरी स्थानीय निकाय चुनाव नगर पालिकाओं और नगर निगमों के प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं, जो सीधे शहरी नागरिकों के जीवन — सड़क, पानी, सफाई — को प्रभावित करते हैं। निष्पक्ष और सुचारू चुनाव सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बुनियाद है।
राष्ट्र प्रेस
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