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क्या बिहार चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने 12 दलों के साथ बैठक की?

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क्या बिहार चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने 12 दलों के साथ बैठक की?

सारांश

हाल ही में भारतीय निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं के सम्मान पर जोर दिया गया। जानिए इस बैठक में क्या-क्या हुआ!

मुख्य बातें

पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया का महत्व मतदाता का सम्मान करना आवश्यक है राजनैतिक दलों की भागीदारी आवश्यक छठ पर्व के बाद चुनाव कराने की मांग एसआईआर के कदमों की सराहना

पटना, 4 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भारतीय निर्वाचन आयोग ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में बिहार के सभी 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें चुनावों के विषय पर चर्चा की गई। बैठक में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी के अतिरिक्त बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी विनोद गुंजियाल और आयोग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि राजनैतिक दल लोकतंत्र की नींव हैं। सभी दलों को चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर कदम पर सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।

आयोग ने यह भी अपील की कि चुनाव के इस पर्व को सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाएं और मतदाताओं का सम्मान करें। इसके साथ ही, आयोग ने चुनाव की पारदर्शिता के अनुभव को साझा करने और हर बूथ पर राजनीतिक दलों द्वारा अपने पोलिंग एजेंट को नामित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

बैठक में शामिल 12 राजनीतिक दलों में भाजपा, कांग्रेस, जदयू, राजद, आम आदमी पार्टी, बसपा, सीपीआईएम, एनपीपी, सीपीआईएमएल, एलजेपी (रामविलास), आरएलजेपी और आरएलजेपी शामिल थे।

आयोग के अनुसार, राजनीतिक दलों ने मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए एसआईआर के ऐतिहासिक, पारदर्शी और दृढ़ कदम उठाने के लिए धन्यवाद किया। सभी ने चुनावी प्रक्रिया के प्रति अपनी निष्ठा और विश्वास को पुनः व्यक्त किया।

राजनीतिक दलों ने मतदान केंद्र पर १,२०० मतदाताओं की अधिकतम संख्या निर्धारित करने के लिए आयोग का धन्यवाद किया। इसके अलावा, उन्होंने बिहार के मतदाताओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए छठ पर्व के तुरंत बाद चुनाव कराने की मांग की और चुनाव को कम से कम चरणों में आयोजित करने का सुझाव दिया।

बैठक में चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में उठाए गए कई नए कदमों, जैसे पोस्टल वोटों की गिनती और फॉर्म 17सी संबंधी प्रावधानों की व्यापक सराहना की गई। सभी दलों ने चुनाव आयोग पर अपना पूर्ण विश्वास व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने स्वतंत्र, निष्पक्ष और पूरी तरह पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग में अपने विश्वास को व्यक्त किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि निर्वाचन आयोग ने बिहार चुनाव की प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सभी राजनीतिक दलों के साथ संवाद स्थापित किया है। यह कदम लोकतंत्र की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार चुनाव की तैयारियों के लिए निर्वाचन आयोग ने क्या कदम उठाए हैं?
निर्वाचन आयोग ने 12 राजनीतिक दलों के साथ बैठक की, जिसमें पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं के सम्मान पर जोर दिया गया।
बैठक में किन प्रमुख राजनीतिक दलों ने भाग लिया?
बैठक में भाजपा, कांग्रेस, जदयू, राजद, आम आदमी पार्टी, बसपा और अन्य दलों ने भाग लिया।
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए क्या कहा?
आयोग ने राजनीतिक दलों को धन्यवाद दिया और चुनावी प्रक्रिया के प्रति निष्ठा व्यक्त करने का आग्रह किया।
राष्ट्र प्रेस
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