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क्या नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाएगी? : सीएम योगी

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क्या नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाएगी? : सीएम योगी

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नलकूपों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण पर महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने पानी के दुरुपयोग को रोकने और आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाने पर जोर दिया। क्या ये कदम किसानों की समस्याओं का समाधान कर पाएंगे?

मुख्य बातें

नलकूपों का जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण आवश्यक है।
जल संरक्षण के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों का प्रयोग किया जाएगा।
वर्षा का मौसम जल स्तर बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
सरकार किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रख रही है।
आधुनिक तकनीक से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।

लखनऊ, 4 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाए और वाटर कंजर्वेशन की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा का मौसम इसके लिए सबसे उपयुक्त है। इससे भूगर्भीय जल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी और डार्क जोन वाले क्षेत्रों में सुधार होगा।

मुख्यमंत्री ने सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बाण सागर, मध्य गंगा जैसी प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर उनमें कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के सशक्त क्रियान्वयन से ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री ने तराई क्षेत्र के किसानों की समस्याओं पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि रिजर्व वायर को डिसिल्ट कर उसे पुनर्जीवित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल सके। साथ ही, कटान रोकने के लिए सिल्ट का उपयोग करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण किया जाए। इससे सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, किसानों की लागत घटेगी और उन्हें आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नलकूपों के आधुनिकीकरण व जीर्णोद्धार के कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता न किया जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। नलकूपों के आधुनिकीकरण और जल संरक्षण की इन पहलों से आने वाले समय में राज्य का कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह प्रयास निश्चित रूप से सकारात्मक दिशा में एक कदम है। पानी का सही उपयोग और जल संरक्षण की दिशा में उठाए गए कदम देश के कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने में मदद करेंगे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नलकूपों के आधुनिकीकरण का क्या महत्व है?
नलकूपों का आधुनिकीकरण किसानों को बेहतर सिंचाई क्षमता और आधुनिक तकनीक प्रदान करेगा, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी।
जल संरक्षण कैसे किया जा सकता है?
जल संरक्षण के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग और वर्षा के पानी को संचित करने की व्यवस्था करनी होगी।
किसान किस तरह से लाभान्वित होंगे?
किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधाएँ मिलने से उनकी लागत कम होगी और आय में वृद्धि होगी।
राष्ट्र प्रेस
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