16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या भारत हमेशा से शांति का पैरोकार रहा है? : उदित राज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या भारत हमेशा से शांति का पैरोकार रहा है? : उदित राज

सारांश

कांग्रेस नेता उदित राज ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गाजा में शांति के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने भारत की शांति नीति के महत्व को बताया। क्या यह भारत का स्थायी दृष्टिकोण है? जानें इस लेख में।

मुख्य बातें

भारत हमेशा शांति का प्रवक्ता रहा है।
गाजा में शांति स्थापित करने की आवश्यकता है।
बिहार में उद्योगों की स्थापना जरूरी है।
जेन-जी युवाओं की मांगों की अनदेखी हो रही है।
लद्दाख की स्थिति में सुधार की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के नेता उदित राज ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गाजा में शांति स्थापित करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि यह भारत की नीति है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से शांति का प्रवक्ता रहा है। हमने कभी भी दुनिया के किसी कोने में युद्ध का समर्थन नहीं किया है। हम हमेशा शांति को प्राथमिकता देते आए हैं और भविष्य में भी ऐसा करते रहेंगे।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुझे मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो गाजा में शांति स्थापित हो जाएगी। इसके अलावा, इस घटना के बाद पश्चिमी एशिया में कई महत्वपूर्ण बदलाव भी देखने को मिलेंगे। सामान्यतः, हमास और हिजबुल्लाह के बीच टकराव के कारण वहां अफरातफरी का माहौल रहता है। वहीं, फिलिस्तीनियों के लिए इजरायल को लेकर कोई विशेष समस्या नहीं है। फिलिस्तीनी भी नहीं चाहते कि वहां हमास रहे, क्योंकि यही अशांति का कारण बन रहा है।

इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के युवाओं के साथ संवाद करेंगे और 62 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। इस पर उदित राज ने कहा कि केंद्र सरकार के लिए बेहतर होगा कि वो बिहार में उद्योग स्थापित करें, ताकि वहां के युवाओं को बेरोजगारी से नहीं जूझना पड़े। लेकिन, अफसोस है कि आजकल अधिकतर उद्योग और कारखाने गुजरात में स्थापित हो रहे हैं। अन्य राज्यों की कोई परवाह नहीं की जा रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले मुंबई को आर्थिक राजधानी माना जाता था, लेकिन अब सभी औद्योगिक इकाइयां और कारखाने गुजरात में स्थापित किए जा रहे हैं। गुजरात में ही बुलेट ट्रेन लाई गई है। बिहार के बारे में ये सरकार सोच ही नहीं रही है। ये लोग बिहार के लिए बेकार में योजनाओं का ऐलान कर रहे हैं। मुझे ये कहने में कोई संकोच नहीं है कि इन योजनाओं का बिहार में कोई मतलब नहीं रह जाता। सरकार के लिए अच्छा रहेगा कि वो बिहार में उद्योग स्थापित करें।

इसके अलावा, उन्होंने जेन-जी युवाओं को लेकर भी अपनी बात रखी और कहा कि हमें समझना होगा कि जेन-जी अपने आप नहीं बने हैं। मौजूदा परिस्थितियों ने उन्हें ऐसा बना दिया है। मौजूदा सरकार युवाओं के हितों के बारे में विचार नहीं कर रही है।

उन्होंने लेह में हुई हिंसा का भी जिक्र करते हुए सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वहां के लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि उन्हें अनुसूची में शामिल किया जाए, लेकिन उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा, वहां के युवा रोजगार के लिए भटकने के लिए मजबूर हैं। पहले बड़ी संख्या में युवा सेना में शामिल होते थे, लेकिन अग्निवीर योजना के आने से अब उनके पास सेना में जाने का विकल्प समाप्त हो गया है। वहां के लोग लंबे समय से पूर्ण राज्य का दर्जा मांग रहे हैं, लेकिन सरकार की संवेदनहीनता इस बात का सबूत है कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि समय पर सरकार ने कोई उचित कदम नहीं उठाया, तो जेन-जी का आक्रोश न केवल लेह में बल्कि पूरे देश में फैल सकता है। इसका कारण यह है कि केंद्र सरकार अपने वादों से पीछे हट रही है। केंद्र सरकार ने वादा किया था कि हम दो करोड़ लोगों को रोजगार देंगे, लेकिन सरकार ने युवाओं के हितों पर कुठाराघात किया है। यदि यही स्थिति रही, तो पूरे देश में जेन-जी का आक्रोश अपने चरम पर पहुंच सकता है।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि अनुच्छेद 370 के हटने से पहले लद्दाख की स्थिति अच्छी थी। युवाओं को उतनी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता था, जितना कि अब करना पड़ रहा है। लेकिन, यह दुखद है कि सरकार युवाओं के हितों की अनदेखी कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार को लगता है कि जेन-जी युवाओं का आक्रोश अपने चरम पर पहुंच सकता है या अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो सकती है, तो मुझे लगता है कि सरकार को जल्द से जल्द सावधानी बरतनी चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदित राज ने गाजा में शांति के लिए क्या कहा?
उदित राज ने कहा कि गाजा में शांति स्थापित करने की प्रक्रिया भारत की नीति का हिस्सा है।
क्या भारत हमेशा से शांति का समर्थक रहा है?
उदित राज के अनुसार, भारत ने कभी भी युद्ध का समर्थन नहीं किया है और हमेसा शांति को प्राथमिकता दी है।
बिहार में रोजगार के लिए सरकार को क्या करना चाहिए?
उदित राज ने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार को बिहार में उद्योग स्थापित करने चाहिए।
जेन-जी युवाओं की स्थिति क्या है?
उदित राज के अनुसार, जेन-जी युवाओं को मौजूदा परिस्थितियों ने प्रभावित किया है और उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
क्या सरकार ने लद्दाख की मांगों पर ध्यान दिया है?
उदित राज का कहना है कि लद्दाख के लोगों की मांगों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले