27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजस्थान पंचायत चुनाव 2025: कलेक्टरों और एसडीएम को आरक्षण तय करने का अधिकार, नवंबर तक मतदान का प्रस्ताव

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजस्थान पंचायत चुनाव 2025: कलेक्टरों और एसडीएम को आरक्षण तय करने का अधिकार, नवंबर तक मतदान का प्रस्ताव

सारांश

राजस्थान में पंचायत चुनावों की तैयारी तेज — कलेक्टरों और एसडीएम को आरक्षण तय करने का अधिकार मिला। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट 5 अगस्त तक आने के बाद लॉटरी प्रक्रिया शुरू होगी। 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों के लिए नवंबर तक चार चरणों में मतदान का प्रस्ताव है।

मुख्य बातें

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने जिला कलेक्टरों और एसडीएम को पंचायती राज संस्थाओं में श्रेणीवार आरक्षण निर्धारित करने की जिम्मेदारी सौंपी।
ओबीसी (राजनीतिक) आयोग की रिपोर्ट 5 अगस्त तक अपेक्षित; इसके बाद लॉटरी से आरक्षण 15 अगस्त तक पूरा होने की उम्मीद।
चुनाव चार चरणों में होंगे; अस्थायी कार्यक्रम के अनुसार प्रक्रिया 15 नवंबर तक समाप्त होगी।
राज्य में 41 जिला परिषदों , 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव होने हैं।
राजस्थान हाई कोर्ट के 90 दिनों के भीतर चुनाव पूरे कराने के निर्देश के तहत पूरी प्रक्रिया चल रही है।

राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने 25 जुलाई को जिला कलेक्टरों और उपमंडल मजिस्ट्रेटों (एसडीएम) को पंचायती राज संस्थाओं में श्रेणीवार आरक्षण निर्धारित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। यह आदेश विभाग के सचिव एवं आयुक्त जोगाराम द्वारा जारी किए गए हैं।

किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी

नई व्यवस्था के तहत जिला कलेक्टर अपने-अपने जिलों में जिला परिषदों और पंचायत समितियों के वार्डों तथा प्रधान के पदों के लिए आरक्षण तय करेंगे। वहीं, उप-विभागीय अधिकारी (एसडीओ)/एसडीएम अपने अधिकार क्षेत्र में ग्राम पंचायत वार्डों और सरपंच पदों के आरक्षण को अंतिम रूप देंगे। सरपंच, उप-सरपंच, प्रधान, जिला प्रमुख और वार्ड सदस्यों के पदों के लिए लॉटरी जिला मुख्यालयों पर कलेक्टरों और उप-मंडल स्तर पर एसडीएम की देखरेख में आयोजित की जाएगी।

ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का इंतजार

आरक्षण मैट्रिक्स को अंतिम रूप देने से पहले अधिकारियों को ओबीसी (राजनीतिक) आयोग की रिपोर्ट का इंतजार करना होगा, जिसके 5 अगस्त तक प्रस्तुत होने की उम्मीद है। राजस्थान सरकार ने हाई कोर्ट को बताया है कि यह आयोग 15 जुलाई को जारी न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में अपना सर्वेक्षण पूरा कर रिपोर्ट समय पर सौंपेगा। रिपोर्ट मिलने के बाद लॉटरी प्रणाली के माध्यम से आरक्षण प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूरी होने की संभावना है।

चुनाव कार्यक्रम और न्यायालय का निर्देश

राजस्थान हाई कोर्ट के समक्ष हुई हालिया सुनवाई में राज्य चुनाव आयोग ने संकेत दिया कि चुनाव प्रक्रिया अगस्त में शुरू होने की संभावना है और मतदान चार चरणों में कराया जाएगा। अदालत के समक्ष प्रस्तुत अस्थायी कार्यक्रम के अनुसार, पूरी प्रक्रिया 15 नवंबर तक समाप्त होने का प्रस्ताव है — जो न्यायालय के 90 दिनों के भीतर चुनाव संपन्न कराने के निर्देश के अनुरूप है। आरक्षण अधिसूचित होने के बाद राज्य चुनाव आयोग अंतिम चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करेगा।

चुनाव का दायरा

राजस्थान भर में 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव नवंबर तक संपन्न होने का प्रस्ताव है। यह चुनाव ग्रामीण शासन के लिहाज से राज्य की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद में से एक है, जिसमें लाखों मतदाता भाग लेंगे।

आगे क्या होगा

ओबीसी आयोग की रिपोर्ट और लॉटरी आधारित आरक्षण प्रक्रिया के बाद राज्य चुनाव आयोग द्वारा आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाएगा। यह प्रक्रिया न्यायालय की निगरानी में चल रही है, इसलिए किसी भी देरी का सीधा असर चुनाव की समय-सीमा पर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 14,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में लॉटरी आधारित आरक्षण को महज एक पखवाड़े में पूरा करना प्रशासनिक क्षमता की असली परीक्षा होगी। गौरतलब है कि राजस्थान में पंचायत चुनाव पहले भी कानूनी अड़चनों के कारण लंबे खिंचते रहे हैं — इस बार न्यायिक निगरानी उस परंपरा को तोड़ने की कोशिश है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान पंचायत चुनाव में कलेक्टरों और एसडीएम को क्या जिम्मेदारी दी गई है?
जिला कलेक्टर जिला परिषदों और पंचायत समितियों के वार्डों तथा प्रधान पदों के लिए आरक्षण तय करेंगे, जबकि एसडीएम ग्राम पंचायत वार्डों और सरपंच पदों का आरक्षण अंतिम रूप देंगे। यह आदेश ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिव जोगाराम ने जारी किए हैं।
राजस्थान पंचायत चुनाव कब होंगे?
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार चुनाव प्रक्रिया अगस्त में शुरू होने की संभावना है और मतदान चार चरणों में होगा। अस्थायी कार्यक्रम के अनुसार पूरी प्रक्रिया 15 नवंबर 2025 तक समाप्त होने का प्रस्ताव है।
ओबीसी (राजनीतिक) आयोग की रिपोर्ट का पंचायत चुनावों से क्या संबंध है?
आरक्षण मैट्रिक्स को अंतिम रूप देने से पहले ओबीसी (राजनीतिक) आयोग की रिपोर्ट का इंतजार जरूरी है, जो 5 अगस्त तक आने की उम्मीद है। यह रिपोर्ट राजस्थान हाई कोर्ट के 15 जुलाई के निर्देशों के तहत तैयार की जा रही है।
राजस्थान में कितनी पंचायती राज संस्थाओं के लिए चुनाव होने हैं?
राज्य में 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव होने हैं। यह राजस्थान की सबसे बड़ी ग्रामीण चुनावी प्रक्रियाओं में से एक है।
आरक्षण के लिए लॉटरी प्रक्रिया कैसे होगी?
लॉटरी जिला मुख्यालयों पर जिला कलेक्टरों और उप-मंडल स्तर पर एसडीएम की देखरेख में आयोजित की जाएगी। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद यह प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूरी होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले