राजस्थान ओबीसी सर्वेक्षण 11 जुलाई से शुरू, 23 जुलाई तक घर-घर होगी गिनती
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान ओबीसी आयोग 11 जुलाई 2025 (शुक्रवार) से प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) परिवारों का राज्यव्यापी घर-घर सर्वेक्षण आरंभ करेगा। यह सर्वे आगामी पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों में ओबीसी आरक्षण कोटे का निर्धारण करने के लिए किया जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में आयोग को यह कार्य सौंपा गया है।
सर्वेक्षण का कार्यक्रम और दायरा
सर्वेक्षण 23 जुलाई 2025 तक चलेगा, जिसमें सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर ओबीसी परिवारों की गणना करेंगे। आयोग सर्वे के निष्कर्षों को एकत्रित कर अगस्त के दूसरे सप्ताह तक राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। यह रिपोर्ट मिलने के बाद ही राज्य चुनाव आयोग चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकेगा।
तबादलों से सर्वे पर मंडराया संकट
ओबीसी आयोग ने मुख्य सचिव को लिखे पत्र में आगाह किया है कि चल रही सरकारी कर्मचारियों की तबादला प्रक्रिया सर्वेक्षण कार्य को बाधित कर सकती है। आयोग के अनुसार, सर्वे के लिए नियुक्त जनगणनाकर्मियों सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का तबादला हो रहा है। यदि इन कर्मियों को उनके वर्तमान पदों से मुक्त कर दिया गया, तो रिपोर्ट को समय पर पूरा करना कठिन हो जाएगा।
चुनाव की समयसीमा पर असर
राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को 31 जुलाई 2025 तक पंचायती राज और शहरी स्थानीय निकाय चुनाव संपन्न कराने का निर्देश दिया था। हालाँकि, अब इस समयसीमा का पालन संभव नहीं दिखता, क्योंकि सरकार का स्पष्ट मत है कि आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ओबीसी आरक्षण तय होने से पहले चुनाव नहीं कराए जा सकते। गौरतलब है कि यह सर्वोच्च न्यायालय की तीन-स्तरीय परीक्षण शर्त के अनुरूप है, जो स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण के लिए अनिवार्य है।
आगे की राह
रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद राज्य चुनाव आयोग अगस्त के अंत या सितंबर 2025 तक चुनाव कार्यक्रम घोषित कर सकता है। इस परिदृश्य में पंचायती राज और शहरी स्थानीय निकाय चुनाव नवंबर 2025 तक संपन्न होने की संभावना है। सर्वेक्षण की सफलता और तबादला विवाद का त्वरित समाधान इस पूरी प्रक्रिया की कुंजी होगी।