PM मोदी ने MCG में लॉन्च किया भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स कोलेबरेशन रोडमैप, स्टीव वॉ से मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जुलाई 2026 को ऑस्ट्रेलिया दौरे के अंतिम दिन ऐतिहासिक मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) का दौरा किया, जहाँ उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ संयुक्त रूप से भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स कोलेबरेशन रोडमैप का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलियाई पुरुष क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ भी उपस्थित रहे।
MCG में युवा खिलाड़ियों से मिले मोदी
मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर आयोजित इस कार्यक्रम में युवा ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों में प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का खासा उत्साह देखा गया। खिलाड़ियों ने उनसे ऑटोग्राफ लिया और सामूहिक तस्वीरें भी खिंचवाईं। मोदी को कबड्डी, ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल और क्रिकेट से जुड़े बच्चों के साथ संवाद का अवसर मिला।
मोदी ने कहा, 'उनके जोश को देखकर लगा कि यहाँ बच्चों का कोई प्रदर्शनी मैच नहीं, बल्कि भविष्य के चैंपियनों का चयन चल रहा है। उनके आत्मविश्वास और ऊर्जा से स्पष्ट है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया में खेलों का भविष्य बेहद उज्ज्वल है।'
स्पोर्ट्स रोडमैप में क्या है
दोनों देशों के बीच लॉन्च हुए इस रोडमैप के तहत क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा। स्पोर्ट्स ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में साझेदारी मज़बूत करने की योजना है। मोदी ने कहा कि ऑन-फील्ड के साथ-साथ ऑफ-फील्ड साझेदारी भी विकसित की जाएगी।
एक उल्लेखनीय घोषणा के तहत बिग बैश लीग का एक मैच भारत के चेन्नई में आयोजित किया जाएगा — जो किसी भी विदेशी स्पोर्टिंग लीग के लिए भारतीय दर्शकों तक पहुँचने का बड़ा अवसर माना जा रहा है।
क्रिकेट — दोनों देशों का साझा जुनून
MCG में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'एमसीजी में आकर किसी भी भारतीय के मन में दो भावनाएँ एक साथ आती हैं — एक, भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच का रोमांच और दूसरा, यह एहसास कि दोनों देशों में क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि साझा जुनून है।' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अहमदाबाद में दोनों प्रधानमंत्री एक साथ स्टेडियम गए थे, और MCG में भी वही खेल भावना महसूस हो रही है।
पूर्व कप्तान स्टीव वॉ और पूर्व महिला क्रिकेटर लीजा स्टालेकर की मौजूदगी का ज़िक्र करते हुए मोदी ने कहा कि चैंपियन बनने के लिए 'प्रतिभा, स्वभाव और दृढ़ता — तीनों ज़रूरी हैं।'
खेलो इंडिया और 2036 ओलंपिक की महत्वाकांक्षा
प्रधानमंत्री ने भारत में खेलों को समावेशी बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया कार्यक्रम के ज़रिये छोटे शहरों, गाँवों और सामान्य परिवारों के बच्चों को बड़े सपने देखने का मौका मिल रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेज़बानी के लिए प्रयासरत है, जबकि 2032 ओलंपिक की मेज़बानी ब्रिस्बेन करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी खेल अवसंरचना को वैश्विक स्तर पर ले जाने की कोशिश में है।
आगे की राह
कार्यक्रम के समापन पर मोदी ने विश्वास जताया कि खेलों की तरह भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी भी हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छुएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री अल्बनीज का आभार व्यक्त करते हुए कहा, 'हम साथ खेलें और हम साथ जीतें।' गौरतलब है कि यह रोडमैप दोनों देशों के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों की एक नई कड़ी है, जो राजनीतिक और व्यापारिक सहयोग से आगे खेल के मैदान तक पहुँच गई है।