क्या रीजनल वाइब्रेंट समिट में एएआई का स्टॉल हवाई क्षेत्र को समझने में मददगार साबित हुआ?

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क्या रीजनल वाइब्रेंट समिट में एएआई का स्टॉल हवाई क्षेत्र को समझने में मददगार साबित हुआ?

सारांश

राजकोट में आयोजित रीजनल वाइब्रेंट समिट में एएआई का स्टॉल आकर्षण का केंद्र बना। यहाँ लोग हवाई क्षेत्र की कार्यप्रणाली और एयरपोर्ट से जुड़ी सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे थे। इस समिट ने उद्योगपतियों और निवेशकों को एक साथ लाकर नए अवसरों की उम्मीद जगाई।

Key Takeaways

  • समिट में एएआई का बड़ा स्टॉल लोगों का ध्यान आकर्षित करता है।
  • हवाई यात्रा के पीछे एक जटिल प्रणाली काम करती है।
  • सरकार का लक्ष्य हवाई यात्रा को हर नागरिक के लिए सुलभ बनाना है।
  • निवेश और उद्योग के लिए नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
  • युवाओं में इस समिट को लेकर उत्साह देखने को मिला।

राजकोट, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजकोट के मोरबी रोड पर स्थित मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में रीजनल वाइब्रेंट समिट का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र के कई उद्योगपतियों ने भाग लिया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के आकर्षक स्टॉल पर हवाई क्षेत्र की कार्यप्रणाली को जाना।

इस समिट में देश-विदेश से आए निवेशकों और 24 देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इसे एक अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। समिट में करोड़ों रुपए के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे क्षेत्रीय उद्योग, व्यापार और निवेश को नई दिशा मिलने की उम्मीद की जा रही है।

समिट में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने एक बड़ा और आकर्षक स्टॉल भी लगाया था, जिसे देखने के लिए हजारों लोग पहुंचे। इस स्टॉल में एयरपोर्ट अथॉरिटी की कार्यप्रणाली, विभिन्न विभागों और एयरपोर्ट से जुड़ी सेवाओं की विस्तृत जानकारी मॉडल और प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत की गई। लोगों को बताया गया कि हवाई यात्रा केवल विमान, पायलट और फ्लाइट अटेंडेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक जटिल प्रणाली काम करती है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी के पीआरओ इंद्र मोहन ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि समिट में उन्होंने एक बड़ा स्टॉल लगाया, ताकि आम लोगों को यह समझाया जा सके कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया क्या है और यह कैसे कार्य करती है। एयरपोर्ट का निर्माण, प्रबंधन और संचालन इस अथॉरिटी की जिम्मेदारी होती है। यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक हवाई यात्रा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।

इंद्र मोहन ने यह भी बताया कि वर्ष 2014 में देश में कुल 74 एयरपोर्ट थे, जो अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बढ़कर करीब 165 हो गए हैं। आने वाले वर्षों में एयरपोर्ट की संख्या को 350 से 400 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। भारतीय घरेलू विमानन क्षेत्र अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है, जिससे नए रोजगार के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं और पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि एयरपोर्ट सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय स्तर पर व्यापार और उद्योग को मजबूती मिलेगी। छोटे शहरों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जिससे आम नागरिक के लिए हवाई यात्रा सुलभ हो सकेगी। यह सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि हर नागरिक हवाई यात्रा का लाभ उठा सके और इससे अर्थव्यवस्था को सीधे लाभ मिले।

इंद्र मोहन ने समिट में लोगों का उत्साह देखने लायक बताया। पिछले पांच दिनों में हर वर्ग के लोगों ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। खासकर युवाओं में कार्यक्रम को लेकर जबरदस्त जोश और उत्साह देखने को मिला, जिससे यह स्पष्ट है कि सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र उद्योग, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए तैयार है।

Point of View

बल्कि यह यह भी दिखाता है कि कैसे हवाई यात्रा का विस्तार आम नागरिकों के लिए लाभकारी हो सकता है। स्थानीय व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एयरपोर्ट सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है।
NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

रीजनल वाइब्रेंट समिट का उद्देश्य क्या था?
इसका उद्देश्य उद्योगपतियों और निवेशकों को एक मंच पर लाना और क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित करना था।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया क्या करती है?
यह एयरपोर्ट का निर्माण, प्रबंधन और संचालन करती है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक हवाई यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।
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