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क्या राजनांदगांव पुलिस ने माओवादियों से आत्मसमर्पण की अपील की?

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क्या राजनांदगांव पुलिस ने माओवादियों से आत्मसमर्पण की अपील की?

सारांश

राजनांदगांव पुलिस ने माओवादियों से आत्मसमर्पण की अपील की है। एसपी अंकिता शर्मा ने उन्हें सुरक्षा और सम्मान देने का आश्वासन दिया है। आत्मसमर्पण की प्रक्रिया में विभिन्न लाभ भी प्रदान किए जाएंगे।

मुख्य बातें

आत्मसमर्पण के लिए खुली अपील सुरक्षा और सम्मान का आश्वासन नक्सल मुक्त भारत का लक्ष्य पुनर्वास नीति के अंतर्गत लाभ पुलिस का दरवाजा खुला है

राजनांदगांव, 5 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने एमएमसी जोन में सक्रिय सभी माओवादियों से एक महत्वपूर्ण अपील की है कि वे हथियार डालकर आत्मसमर्पण करें और समाज की मुख्य धारा में लौट आएं।

यह अपील माओवादी प्रवक्ता अनंत की 27 नवंबर की प्रेस रिलीज के संदर्भ में की गई है, जिसमें उन्होंने 1 जनवरी 2026 तक का समय मांगते हुए सुरक्षा बलों से सर्च ऑपरेशन रोकने की गुजारिश की थी।

एसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि माओवादियों का निवेदन गंभीरता से लिया गया है। भारत सरकार ने 31 मार्च 2026 तक पूरे देश को नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में सभी माओवादियों से हिंसा छोड़कर शांति का रास्ता अपनाने की अपील की जा रही है। जो भी माओवादी राजनांदगांव पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करेगा, उसकी जान-माल की पूरी सुरक्षा दी जाएगी। आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी तरह भरोसेमंद और सम्मानजनक माहौल में होगी।

आत्मसमर्पण करने वालों को केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत तुरंत नकद राशि, घोषित इनामी रकम, मुफ्त आवास, रोजगार या स्वरोजगार की सुविधा, बच्चों की पढ़ाई और सम्मानजनक जीवन दिया जाएगा। एसपी ने स्पष्ट किया कि आत्मसमर्पण करने वालों को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं होगा।

पुलिस ने माओवादियों के लिए कई संपर्क नंबर भी जारी किए हैं ताकि वे सीधे बात कर सकें। इनमें खुद एसपी अंकिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश ठाकुर, एएसपी अम्ब्रोश कुजूर, एसडीओपी आशीष कुंजाम समेत नक्सल सेल के अधिकारी शामिल हैं।

राजनांदगांव पुलिस का मानना है कि अब हिंसा का रास्ता बंद हो चुका है। विकास और शांति का मौका है। जो साथी लौटना चाहते हैं, उनके लिए पुलिस का दरवाजा पूरी तरह खुला है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह अपील राजनांदगांव पुलिस द्वारा एक सकारात्मक कदम है, जो नक्सलवाद की समस्या को हल करने की दिशा में उठाया गया है। यह सुनिश्चित करता है कि माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज में वापस लौट सकें।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनांदगांव पुलिस का आत्मसमर्पण करने का उद्देश्य क्या है?
पुलिस का उद्देश्य माओवादियों को मुख्य धारा में लौटने और हिंसा छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
आत्मसमर्पण करने पर क्या सुविधाएँ मिलेंगी?
आत्मसमर्पण करने वालों को नकद राशि, आवास, रोजगार, और बच्चों की पढ़ाई की सुविधाएँ दी जाएंगी।
राष्ट्र प्रेस
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