क्या राजनाथ सिंह ने अशोक लेलैंड के इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लांट का उद्घाटन किया, और क्या ईवी वाहनों का है भविष्य?
सारांश
Key Takeaways
- अशोक लेलैंड का इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लांट लखनऊ में खोला गया।
- यह प्लांट हर महीने 2,500 इलेक्ट्रिक वाहन तैयार करेगा।
- सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीतियाँ बनाई हैं।
- उत्तर प्रदेश का औद्योगिक विकास तेजी से बढ़ रहा है।
- रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जा रहा है।
लखनऊ, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजधानी के सरोजनी नगर क्षेत्र में अशोक लेलैंड के अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) प्लांट का उद्घाटन किया। इस मौके पर रक्षा मंत्री ने कहा कि भविष्य इलेक्ट्रिक वाहनों का है, और इसी दिशा में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
रक्षा मंत्री ने बताया कि आने वाले वर्षों में पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन प्रमुख होंगे। पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से ईवी को बढ़ावा देने की जरूरत है और सरकार भविष्य की तकनीकों पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए नियमों को सरल बनाया गया है और उद्योगों को ऑनलाइन प्रक्रियाओं के माध्यम से सहूलियत प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अशोक लेलैंड का यह संयंत्र केवल एक कंपनी की सफलता नहीं, बल्कि उद्योग जगत की सरकार की नीतियों पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। डबल इंजन की सरकार के तहत उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सड़कों और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण निवेश का माहौल सुदृढ़ हुआ है।
राजनाथ सिंह ने बताया कि संयंत्र का निर्माण 24 महीनों में प्रस्तावित था, लेकिन इसे रिकॉर्ड 18 महीनों में पूरा किया गया। यहाँ परिचालन शुरू होने के बाद हर महीने लगभग 2,500 इलेक्ट्रिक वाहन तैयार किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा और अगले पांच वर्षों में हजारों करोड़ रुपये के निवेश तथा लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘फॉर्च्यून ग्लोबल 500 एवं फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनी निवेश प्रोत्साहन नीति-2023’ लेकर आई है। साथ ही ‘उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस एवं डिफेंस यूनिट और रोजगार प्रोत्साहन नीति’ के माध्यम से राज्य को रक्षा उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाया जा रहा है।
राजनाथ ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक, यानी 2047 में, उत्तर प्रदेश रोजगार, उद्योग, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि यही विकसित भारत का सपना और संकल्प है। राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि वर्ष 2014 में भारत का घरेलू रक्षा उत्पादन मात्र 46 हजार करोड़ रुपये था, जो आज रिकॉर्ड बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इसी तरह, रक्षा निर्यात जो पहले 1,000 करोड़ रुपये से भी कम था, अब रिकॉर्ड 24,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के प्रयासों के चलते भारत का रक्षा क्षेत्र तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। कौशल विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि वे देश और प्रदेश के विकास में निर्णायक भूमिका निभा सकें।
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर स्थापित किया गया है और लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस की फैक्ट्री में अब ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। इससे यह स्पष्ट है कि भारत अब अपने हथियार स्वयं बना रहा है और उत्तर प्रदेश इसमें नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि जो उत्तर प्रदेश कभी ‘बीमारू राज्य’ के रूप में जाना जाता था, आज वही राज्य औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का मजबूत केंद्र बन रहा है। वर्ल्ड-क्लास ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड कमर्शियल व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की शुरुआत प्रदेश की औद्योगिक यात्रा में ऐतिहासिक उपलब्धि है।