राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को चेतावनी: आतंकी हरकत हुई तो ऑपरेशन सिंदूर से भी बड़ा प्रहार होगा
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में उसकी ओर से कोई भी आतंकी गतिविधि हुई, तो भारत का जवाब पिछली बार से भी अधिक कठोर और व्यापक होगा। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को तकनीक-आधारित आधुनिक युद्ध का शानदार नमूना बताया और भारत की बढ़ती रक्षा आत्मनिर्भरता के आँकड़े पेश किए।
पाकिस्तान को सीधी चेतावनी
राजनाथ सिंह ने कहा, 'जब-जब आतंकवादियों ने भारत की धरती को लहूलुहान करने की कोशिश की, तब-तब भारत ने करारा जवाब दिया है। उस जवाब की गूंज आज तक आतंकवादियों के आकाओं को सुनाई देती होगी।' उन्होंने 2016 के उरी आतंकी हमले के बाद की गई सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय जवानों ने आतंकवादियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था।
ऑपरेशन सिंदूर: तकनीकी युद्ध का नया अध्याय
रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा करते हुए कहा कि इस अभियान में आकाश तीर, आकाश मिसाइल प्रणाली और ब्रह्मोस जैसी उन्नत मिसाइल प्रणालियों सहित कई अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग किया गया। उन्होंने कहा, 'इसने साबित किया कि हमारी सेनाएं बदलाव को समझ भी रही हैं और उसका आत्मविश्वास के साथ उपयोग भी कर रही हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य पर वैश्विक ध्यान केंद्रित है।
रक्षा आत्मनिर्भरता के बड़े आँकड़े
राजनाथ सिंह ने बताया कि आज भारतीय सेना के शस्त्र भंडार में 175 में से 159 प्रकार के गोला-बारूद स्वदेशी हैं, जो 90 प्रतिशत से अधिक आत्मनिर्भरता दर्शाता है। रक्षा निर्यात के मोर्चे पर भी उन्होंने उल्लेखनीय वृद्धि का हवाला दिया — वर्ष 2013-14 में रक्षा निर्यात मात्र ₹686 करोड़ था, जो 2025-26 में बढ़कर ₹38,000 करोड़ से अधिक हो गया है। भारत अब करीब 200 देशों को स्वदेश निर्मित रक्षा उत्पाद निर्यात कर रहा है।
रक्षा उद्योग का नया स्वरूप
रक्षा मंत्री ने बताया कि रक्षा उत्पादन अब केवल सार्वजनिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कहा कि 16,000 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSMEs) इस क्षेत्र से जुड़े हैं। रक्षा मंत्रालय ने इन उद्यमों से ₹2,400 करोड़ से अधिक की खरीदारी को मंजूरी दी है और नई तकनीक के विकास के लिए ₹1,500 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए निर्धारित बजट का 75 प्रतिशत भारतीय उद्योगों से खरीद के लिए सुरक्षित किया गया है।
विकसित भारत और भविष्य का रोडमैप
राजनाथ सिंह ने कहा कि जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब वह केवल एक विकसित देश ही नहीं, बल्कि प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था और रक्षा क्षेत्र में 'आत्मविश्वास के साथ दुनिया का नेतृत्व' करेगा। गौरतलब है कि यह बयान भारत के रक्षा क्षेत्र में आयात-निर्भरता से स्वदेशी उत्पादन की ओर हो रहे ऐतिहासिक बदलाव के संदर्भ में आया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) को अब एक 'राष्ट्रीय नवाचार मंच' के रूप में पुनर्परिभाषित किया जा रहा है जो उद्योग, विश्वविद्यालय और स्टार्टअप को एकजुट करता है।