राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एलपीजी और उर्वरक आपूर्ति पर इंटर मिनिस्ट्रियल कमेटी की बैठक
सारांश
Key Takeaways
- राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बैठक की जाएगी।
- बैठक में एलपीजी और उर्वरक की आपूर्ति पर चर्चा होगी।
- ब्लैक मार्केटिंग और होडिंग रोकने के उपायों पर भी विचार किए जाएंगे।
- प्रधानमंत्री ने आम आदमी की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए कदम उठाने का निर्देश दिया।
- बैठक का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना है।
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट को ध्यान में रखते हुए बनाई गई इंटर मिनिस्ट्रियल कमेटी की बैठक गुरुवार को आयोजित की जाएगी। यह बैठक गुरुवार शाम 5 बजे कर्तव्य भवन में होगी और इसकी अध्यक्षता रक्षामंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस बैठक में एलपीजी और उर्वरक की निर्बाध आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके अतिरिक्त, ब्लैक मार्केटिंग और होडिंग पर रोक लगाने के लिए भी चर्चा की जाएगी।
इससे पूर्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अप्रैल को 7 लोक कल्याण मार्ग पर सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की एक विशेष बैठक की। इस बैठक में विभिन्न मंत्रालयों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में आवश्यक कदमों पर चर्चा हुई।
कैबिनेट सचिव ने पेट्रोलियम उत्पादों, विशेषकर एलएनजी/एलपीजी की आपूर्ति और बिजली की उपलब्धता को सुनिश्चित करने हेतु उठाए गए कदमों की जानकारी दी। एलपीजी की खरीद के लिए विभिन्न स्रोतों की विविधता लाई जा रही है, जिसमें विभिन्न देशों से नई आपूर्ति शामिल है। इसी तरह, तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) भी कई देशों से प्राप्त की जा रही है।
इसके अलावा, कृषि, नागर विमानन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उभर रही चुनौतियों का समाधान करने के लिए भी सुझावों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री ने आम लोगों के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ तथा रबी मौसम में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के प्रभाव को नागरिकों से दूर रखने के लिए सभी संभव प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने गलत जानकारी और अफवाहों को रोकने के लिए जनता तक सही जानकारी के प्रवाह पर भी जोर दिया। सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि वे मौजूदा वैश्विक स्थिति से प्रभावित नागरिकों और क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव उपाय करें।