राजौरी पुलिस ने बारामूला से 38 चोरी की भेड़ें बरामद कीं, आरोपी अब्दुल सत्तार गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर की राजौरी पुलिस ने मवेशी चोरी के एक मामले को सफलतापूर्वक सुलझाते हुए बारामूला से चोरी की 38 भेड़ें बरामद कीं और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई नौशेरा पुलिस स्टेशन की टीम ने की, जो एफआईआर नंबर 104/2026 के तहत दर्ज मामले की जांच कर रही थी। पुलिस के अनुसार आगे की जांच अभी जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अब्दुल सत्तार (निवासी बलशामा, सुंदरबनी, जिला राजौरी) के रूप में हुई है। उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। नौशेरा पुलिस स्टेशन की टीम ने सुराग जुटाते हुए चोरी की भेड़ों का पता बारामूला तक लगाया और वहाँ से उन्हें सकुशल बरामद किया।
पुलिस ने बताया कि बरामदगी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तार किया गया। मामले की आगे की जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश में समानांतर कार्रवाई
चोरी से जुड़ी एक अलग घटना में मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में साईंखेड़ा और आमला थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर एक चोर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फारुख, फरा, सलमान और समीर के रूप में हुई है — ये सभी रोशनी, जिला खंडवा के रहने वाले हैं।
पुलिस ने इनके पास से चोरी किया गया तांबे का तार और चोरी की घटनाओं में इस्तेमाल की गई गाड़ी भी जब्त की। आरोपी पहले भी हरदा जिले में चोरी के चार मामलों में गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं।
पुलिस अधीक्षक की प्रतिक्रिया
पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने बताया कि साईंखेड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार हो रही केबल चोरी की घटनाओं के पीछे सक्रिय इस गिरोह को पकड़ लिया गया है। जैन के अनुसार इन आरोपियों ने पूर्व में भी इसी तरह की कई चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था।
आम जनता पर असर और आगे की कार्रवाई
राजौरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। मवेशी चोरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डालती है, क्योंकि छोटे किसानों और पशुपालकों की आजीविका इन पशुओं पर निर्भर होती है।
दोनों राज्यों में पुलिस ने संकेत दिया है कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और आगे और गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं।