दिल्ली पुलिस की सफलता: मधु विहार बर्गलरी केस में पांच गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस ने मधु विहार में की बड़ी कार्रवाई।
- 1 करोड़ रुपये की चोरी के मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी।
- अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर पुलिस ने सुराग जुटाए।
- आरोपी आदतन अपराधी हैं।
- पुलिस की जांच अभी भी जारी है।
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पूर्वी जिला पुलिस ने मधु विहार थाना क्षेत्र में हुई लगभग 1 करोड़ रुपये की 'ब्लाइंड नाइट बर्गलरी' (रात की चोरी) के महत्वपूर्ण मामले को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। इस कार्रवाई में स्पेशल स्टाफ, पूर्वी जिला और थाना मधु विहार की संयुक्त टीम ने कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक सुनार भी शामिल है जो चोरी का माल खरीदता था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से सोने, हीरे और चांदी के आभूषणों के साथ लगभग 8 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
यह घटना 1 अप्रैल को सामने आई थी, जब आर्य नगर अपार्टमेंट में रहने वाले एक परिवार ने अपने घर में चोरी की रिपोर्ट की। परिवार ने बताया कि 31 मार्च की शाम करीब 7:30 बजे घर बंद करके बाहर गए थे, लेकिन अगले दिन लौटने पर घर के ताले टूटे हुए मिले और लगभग 1 करोड़ रुपये के गहने और 12 लाख रुपये नकद गायब थे। इस पर थाना मधु विहार में मामला दर्ज किया गया और जांच आरंभ की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दो विशेष टीमों का गठन किया गया, जिसमें स्पेशल स्टाफ और थाना मधु विहार की टीमें शामिल थीं। पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया और संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाया। इससे उन्हें लगभग 10 किलोमीटर लंबे भागने के रूट का पता चला, जिससे मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया, जिससे आरोपियों की पहचान संभव हुई।
विश्वसनीय सूचना के आधार पर 8 अप्रैल को पुलिस ने छापेमारी कर बबलू उर्फ कलुआ और रामपाल उर्फ रामकुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उनके साथी विशाल उर्फ विक्कू का नाम सामने आया, जिसे 10 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। आगे की पूछताछ में सुनार रवि सोनी और उसकी सहयोगी पिंकी की पहचान हुई, जिन्हें बाद में गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की संपत्ति का बड़ा हिस्सा बरामद किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दिन में रिहायशी इलाकों की रेकी करते थे और ऐसे घरों को निशाना बनाते थे, जहां लोग बाहर गए होते थे। वे देर रात ताले तोड़ने वाले औजारों से घर में घुसकर नकदी और कीमती सामान चुरा लेते थे और तुरंत फरार हो जाते थे। चोरी के गहनों को एक स्थानीय सुनार के माध्यम से बेचा जाता था, जबकि कुछ सामान परिचितों और परिवार के पास छिपा दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी आदतन अपराधी हैं और पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य जल्दी पैसा कमाकर आलीशान जीवनशैली जीना था। चोरी से प्राप्त रकम का उपयोग मोटरसाइकिल जैसी लग्जरी वस्तुओं और अन्य निजी खर्चों पर किया जाता था।
फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य संभावित कड़ियों की भी तलाश कर रही है।