राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अरलेकर ने केरल में मतदान किया, मतदाताओं से की महत्वपूर्ण अपील
सारांश
Key Takeaways
- राज्यपाल ने मतदान के प्रति उत्साह बढ़ाने की अपील की।
- असम में एनडीए की स्पष्ट जीत की संभावना।
- नए मतदाता लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत।
- भाजपा के पक्ष में एक नई लहर उत्पन्न हो रही है।
- एलडीएफ और यूडीएफ के लिए पूर्ण बहुमत मिलना कठिन।
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम, केरल और पुडुचेरी में चल रहे विधानसभा चुनावों के बीच विभिन्न राज्यों के नेताओं के विचार सामने आ रहे हैं। इनमें मतदान के प्रति उत्साह, जनता से अपील, और चुनावी परिणामों के प्रति विश्वास स्पष्ट रूप से झलक रहा है। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अरलेकर ने विधानसभा चुनाव में अपने पहले वोट डालने के बाद अपनी खुशी व्यक्त की।
उन्होंने कहा, "मैं खुद को बहुत सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इस राज्य में पहली बार वोट देने का अवसर मिला। मुझे उम्मीद है कि हमेशा अच्छे लोग ही चुने जाएंगे। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे बड़ी संख्या में बाहर निकलकर अपने इस पवित्र कर्तव्य को निभाएं।"
इस बीच, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि एनडीए बहुत मजबूत स्थिति में है। असम में एनडीए की सरकार बनने की संभावना है और अन्य क्षेत्रों में भी भाजपा के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों पर लोगों का विश्वास बढ़ा है।
पटना में जदयू के राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा ने भी इसी तरह की बात की। उन्होंने कहा, "जमीनी स्तर से मिल रही जानकारी के अनुसार असम में एनडीए की स्पष्ट जीत नजर आ रही है। वहीं पुडुचेरी में भी एनडीए सरकार बनने की संभावना है।"
दिल्ली में भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने केरल चुनावों के बारे में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की वैश्विक छवि मजबूत हुई है। इसका सकारात्मक माहौल पूरे देश में बना है, जिसका लाभ भाजपा और एनडीए को मिलेगा। मुझे विश्वास है कि केरल के नतीजे उत्साहजनक होंगे।
खंडेलवाल ने आगे कहा कि चुनावी रुझान और मतदाताओं के उत्साह से यह स्पष्ट है कि लोगों का विश्वास प्रधानमंत्री मोदी पर बढ़ा है। मुझे पूरा विश्वास है कि पुडुचेरी, केरल और असम में भाजपा और एनडीए की सरकारें बनेंगी।
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष सैयद बाशा ने कहा कि असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार करीब 10 लाख नए मतदाता वोट डालने आ रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए एक अच्छा संकेत है। युवा और नए वोटरों की भागीदारी से यह स्पष्ट है कि इन राज्यों में एक मजबूत सरकार बनेगी।
तिरुवनंतपुरम में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव अनिल के. एंटनी ने कहा कि केरल में भाजपा तेजी से प्रगति कर रही है। यहां पार्टी के पास एक सांसद है, कई नगरपालिकाएं, ग्राम पंचायतें, और एक बड़ा निगम है, जहां हमारा मेयर और डिप्टी मेयर हैं।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की, "राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर वोट डालें और विकसित केरल के निर्माण में भागीदार बनें। यह चुनाव केरल की राजनीतिक दिशा और भविष्य तय करेगा।" के. एंटनी ने कहा कि पिछले 70-75 वर्षों में यूडीएफ और एलडीएफ बारी-बारी से सत्ता में आते रहे हैं, लेकिन राज्य आज भी विकास, बेरोजगारी और अवसरों की कमी जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है।
एर्नाकुलम में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एएन राधाकृष्णन ने कहा कि इस बार एलडीएफ और यूडीएफ को पूर्ण बहुमत मिलना कठिन है, जबकि एनडीए 'डबल डिजिट' तक पहुंच सकता है। अब कोई भी एनडीए को नजरअंदाज नहीं कर सकता, केरल में ऐसा राजनीतिक माहौल बन रहा है।
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ के खराब प्रबंधन के कारण केरल को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा है। अब भाजपा के पक्ष में एक नई लहर बन रही है और चुनाव परिणामों में पार्टी के वोट शेयर और सीटों में बढ़ोतरी देखकर लोग चौंक जाएंगे।