क्या किश्तवाड़ आपदा पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घायलों से मुलाकात की?

सारांश
Key Takeaways
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किश्तवाड़ आपदा के घायलों से मुलाकात की।
- केंद्र सरकार राहत और पुनर्वास में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
- प्रधानमंत्री मोदी इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं।
जम्मू, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को जम्मू के सरकारी मेडिकल अस्पताल का दौरा किया, जहां उन्होंने किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना के शिकार लोगों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें भी साझा की।
राजनाथ सिंह ने बताया कि खराब मौसम के कारण वह प्रभावित क्षेत्रों का दौरा नहीं कर सके। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार आपदा से प्रभावित लोगों को राहत और पुनर्वास प्रदान करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "मैं किश्तवाड़ में हुई घटना के घायलों को देखने आया था। प्रधानमंत्री भी इस घटना को लेकर चिंतित हैं और स्थिति जानना चाहते थे, इसलिए मैं यहां हूं। मुझे घटनास्थल पर जाना था, लेकिन खराब मौसम के कारण यह संभव नहीं था। कई जगहों पर लैंड स्लाइड भी हुआ है, जिसके कारण वहां जाना संभव नहीं है। मैंने अस्पताल में घायलों को देखा है, वे खतरे से बाहर हैं। मैं मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को बधाई देता हूं। सभी घायलों ने बताया कि वे इलाज से संतुष्ट हैं।"
रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "जम्मू के मेडिकल कॉलेज का दौरा किया और किश्तवाड़ के चिशोती में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्र सरकार में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी मेरे साथ थे।"
उन्होंने आगे लिखा, "खराब मौसम के कारण, मैं आज किश्तवाड़ के बादल फटने से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा नहीं कर सका। मैंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जम्मू से चिशोती की स्थिति की समीक्षा की। यह जानकर खुशी हो रही है कि राज्य प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संकट की स्थिति के दौरान उत्कृष्ट कार्य किया है।"
उन्होंने लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इस दुखद घटना से प्रभावित लोगों को राहत और पुनर्वास प्रदान करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।"