क्या रामेश्वर शर्मा ने पूर्व कांग्रेस सरकार पर जनता के हितों को बेचने का आरोप लगाया?

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क्या रामेश्वर शर्मा ने पूर्व कांग्रेस सरकार पर जनता के हितों को बेचने का आरोप लगाया?

सारांश

मध्य प्रदेश कांग्रेस में उभरे सियासी संघर्ष पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। क्या दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की बयानबाजी से कांग्रेस की स्थिति और भी कमजोर होगी? जानें इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में।

Key Takeaways

  • भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • कांग्रेस नेता के बीच के विवाद ने सियासी हलचल मचाई है।
  • ज्योतिरादित्य सिंधिया की भूमिका ने कांग्रेस को कमजोर किया।

भोपाल, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश कांग्रेस में हाल ही में दो वरिष्ठ नेताओं के बीच कुछ ऐसा घटित हुआ कि सियासी हलचल पैदा हो गई। दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की टिप्पणी पर चर्चा हो रही है। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के विधायक रामेश्वर शर्मा ने पूर्व कांग्रेस सरकार पर जनता के हितों को बेचने का गंभीर आरोप लगाया है।

दरअसल, पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक मीडिया प्लेटफार्म पर कांग्रेस की सरकार गिरने का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा कि कमलनाथ, सिंधिया और एक प्रमुख उद्योगपति की उपस्थिति में चर्चा हुई थी। वहीं, कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के चलते ज्योतिरादित्य सिंधिया को यह महसूस हुआ कि सरकार दिग्विजय सिंह के हाथ में है। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने कांग्रेस के विधायकों को तोड़ा और हमारी सरकार को गिरा दिया।

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "कांग्रेस के नेता आपस में गालियाँ दें या कुछ भी कहें, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की सरकार उस समय कॉरपोरेट के हाथों की खिलौना बन चुकी थी। मध्य प्रदेश की जनता के हितों को बेचा जा रहा था।"

उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की जनता से जो वादे किए थे, वे उन वादों से मुकर रही थी। यही कारण है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस के वादों को पूरा करें, नहीं तो मैं कांग्रेस छोड़ दूँगा और सड़कों पर आऊँगा। उस समय कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने कहा कि ऐसी गीदड़भभकी देने वाले बहुत देखे हैं। सड़कों पर आना है तो आ जाओ। इसके बाद सिंधिया ने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को उनकी औकात दिखा दी और पूरी कांग्रेस को धराशायी कर दिया।

भाजपा विधायक ने कहा, "जनभावना और जनमुद्दों को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया सड़कों पर आए और भाजपा में शामिल हुए। आज मध्य प्रदेश में पीएम मोदी और सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में जन आकांक्षाओं को पूरा करने वाली सरकार है। पूर्व सरकार के बारे में आज के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहले ही कह चुके हैं कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की सरकार रिमोट से खनिज, शराब, भू और ट्रांसफर माफिया चला रहे थे। ये आरोप तत्कालीन मंत्री और आज के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह पर लगाए थे। दोनों भाइयों की कुश्ती में कांग्रेस पस्त और धराशायी हो गई।

Point of View

कांग्रेस अपनी स्थिति को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। यह घटना न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश की सियासत पर प्रभाव डाल सकती है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

रामेश्वर शर्मा ने क्या आरोप लगाए?
रामेश्वर शर्मा ने पूर्व कांग्रेस सरकार पर जनता के हितों को बेचने का आरोप लगाया है।
क्यों दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच टकराव हुआ?
दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस सरकार गिरने का जिक्र किया, जिसके बाद कमलनाथ ने पलटवार किया।
ज्योतिरादित्य सिंधिया की भूमिका क्या थी?
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस के वादों को पूरा न करने पर सरकार गिराने का दबाव बनाया।