मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 केजिया लिज़ मेजो बनेंगी सीता, रवि किशन निभाएंगे राम की भूमिका — दिल्ली में 10 अक्टूबर से भव्य रामलीला
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या की विश्वप्रसिद्ध रामलीला इस वर्ष नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब स्थित मावलंकर हॉल में 10 से 20 अक्टूबर 2026 तक भव्य मंचन के साथ प्रस्तुत होगी। इस बार की रामलीला में मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 केजिया लिज़ मेजो माता सीता की भूमिका निभाएंगी, जबकि सांसद एवं भोजपुरी अभिनेता रवि किशन प्रभु श्रीराम के किरदार में नज़र आएंगे। आयोजकों के अनुसार, यह मंचन फिल्म और राजनीति जगत के कई जाने-माने चेहरों को एक ही मंच पर लाएगा।
कलाकारों का भव्य कारवां
रामलीला में राजनीति और मनोरंजन की दुनिया से जुड़े कई चर्चित कलाकार विभिन्न पात्रों को जीवंत करेंगे। सांसद एवं भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी भी विभिन्न भूमिकाओं में दिखाई देंगे। अभिनेता अरुण बख्शी रावण, बिंदु दारा सिंह कुंभकरण, अवतार गिल मेघनाद और पुनीत इस्सर परशुराम की भूमिका में होंगे। अभिनेता रजा मुराद समेत अन्य कई वरिष्ठ कलाकार भी रामलीला के महत्वपूर्ण पात्रों को मंच पर उतारेंगे।
आधुनिक तकनीक से त्रेतायुग का पुनर्जीवन
आयोजकों के मुताबिक, इस रामलीला को विशाल सेट, अत्याधुनिक तकनीक और बड़ी एलईडी स्क्रीन के ज़रिए एक नए आयाम पर ले जाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। इसके माध्यम से त्रेतायुग के प्रसंगों को आधुनिक दृश्य-श्रव्य तकनीक के साथ प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे दर्शकों को एक अभूतपूर्व अनुभव मिलेगा। गौरतलब है कि पारंपरिक रामलीला और तकनीकी प्रस्तुति का यह संयोजन इसे पिछले आयोजनों से अलग बनाता है।
सात वर्षों का सफर और करोड़ों दर्शक
रामलीला के संस्थापक एवं अध्यक्ष सुभाष मलिक ने बताया कि पिछले सात वर्षों से इस रामलीला का आयोजन अयोध्या में होता आया है और इसे देश-विदेश में व्यापक दर्शक-वर्ग मिला है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले वर्ष ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से मिलाकर करीब 62 करोड़ दर्शकों ने इस रामलीला को देखा था। इस वर्ष इसे दिल्ली लाने का निर्णय दर्शकों की बढ़ती माँग और व्यापक जुड़ाव को देखते हुए लिया गया है।
आयोजन की ज़िम्मेदारी और तैयारियां
मलिक ने कहा, 'प्रभु श्रीराम इस बार दिल्ली पधार रहे हैं और दिल्लीवासी इस आयोजन का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।' आयोजन की ज़िम्मेदारी संस्थापक एवं अध्यक्ष सुभाष मलिक, महासचिव शुभम मलिक और उपाध्यक्ष जतिन मलिक संभाल रहे हैं। यह आयोजन ऐसे समय में आया है जब रामलीला का सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पूरे देश में एक नई ऊँचाई पर है, और अयोध्या राम मंदिर प्रतिष्ठा के बाद इस कथा से जनमानस का जुड़ाव और गहरा हुआ है।