रामनवमी पर डीजे पर रोक के मुद्दे पर भाजपा विधायकों का हंगामा, सदन में नारेबाजी
सारांश
Key Takeaways
रांची, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को रामनवमी के जुलूस में डीजे बजाने पर लगी पाबंदी का मुद्दा प्रमुखता से उभरा। जैसे ही सदन की कार्यवाही प्रारंभ हुई, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने इस विषय पर सरकार को घेर लिया और जोरदार नारेबाजी की।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार एक विशेष समुदाय को निशाना बना रही है और हिंदुओं की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है। भारी शोरगुल और हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई।
भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने सदन में मोर्चा खोलते हुए कहा कि रामनवमी जैसे महापर्व पर डीजे बजाने पर रोक लगाना पूरी तरह से भेदभावपूर्ण है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जानबूझकर बहुसंख्यक समाज की परंपराओं को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है।
नवीन जायसवाल के इस बयान का सत्ता पक्ष के सदस्यों ने तीव्र विरोध किया, जिससे सदन में नोकझोंक शुरू हो गई। भाजपा विधायक इस दौरान 'आसन' (वेल) के निकट आकर नारेबाजी करने लगे। विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि कुछ लोग समाज में नफरत फैलाने और धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नियम और कानून सभी के लिए समान हैं और इसे किसी विशेष समुदाय से जोड़कर देखना गलत है। सदन में बढ़ते शोरगुल को देखकर स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सदस्यों से अपील की कि सदन अब तक सुचारू रूप से चल रहा था, लेकिन इस प्रकार के व्यवधान से जनता के मुद्दों पर चर्चा प्रभावित हो रही है। हजारीबाग से भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने इस मुद्दे पर सदन के बाहर धरना दिया।
उन्होंने हजारीबाग की विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय श्री चैत रामनवमी का उल्लेख करते हुए मांग की कि इसे 'राजकीय महोत्सव' का दर्जा दिया जाए। प्रदीप प्रसाद ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, "हजारीबाग की रामनवमी अपनी भव्यता के लिए जानी जाती है। प्रशासन चाहे जो करे, हजारीबाग में हर हाल में डीजे बजेगा। हम अपनी परंपराओं और आस्था के साथ समझौता नहीं करेंगे।"
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर जुलूसों में रुकावट डाल रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।