क्या ग्रेटर नोएडा में स्वच्छ जलापूर्ति की मुहिम सफल रही?

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क्या ग्रेटर नोएडा में स्वच्छ जलापूर्ति की मुहिम सफल रही?

सारांश

ग्रेटर नोएडा में चार दिवसीय रैंडम जांच अभियान ने पानी की गुणवत्ता की जांच की। क्या प्राधिकरण ने जलापूर्ति को सुरक्षित और स्वच्छ साबित किया है? जानिए इस रिपोर्ट में।

Key Takeaways

  • ग्रेटर नोएडा में पानी की गुणवत्ता की जांच की गई।
  • जांच अभियान में 120 से अधिक स्थानों से नमूने लिए गए।
  • अधिकांश स्थानों पर पानी मानकों के अनुरूप पाया गया।
  • निवासियों को पानी की गुणवत्ता के बारे में फीडबैक दिया गया।
  • जल विभाग को नियमित जांच के निर्देश दिए गए।

ग्रेटर नोएडा, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल प्रदान करने के लिए ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा आयोजित चार दिवसीय रैंडम जांच अभियान सोमवार को सफलतापूर्वक समाप्त हुआ।

अभियान के अंतिम दिन, प्राधिकरण की आठ टीमों ने सक्रियता से 23 से अधिक सेक्टरों, गांवों और सोसाइटियों में 120 से ज्यादा स्थानों से पानी के नमूनों की जांच की।

इस अभियान में टीमों ने सादोपुर, वैदपुरा, सैनी, सुनपुरा, पाली, मिलक लच्छी समेत सेक्टर गामा-1 और 2, डेल्टा-1, अल्फा-1 और 2, ओमीक्रॉन-1, 2 और 3 तथा ग्रेटर नोएडा वेस्ट की विभिन्न सोसाइटियों में घर-घर जाकर पानी की गुणवत्ता की परख की। टीमों के पास टीडीएस मीटर, पीएच मीटर और क्लोरीन जांच किट जैसे आधुनिक उपकरण थे, जिनसे मौके पर ही पानी की प्रारंभिक जांच की गई। जांच में अधिकांश स्थानों पर पानी मानकों के अनुरूप पाया गया।

इसके साथ ही, श्रीराम लैब की विशेषज्ञ टीमों ने भी विभिन्न क्षेत्रों से पानी के नमूने एकत्र कर विस्तृत लैब जांच के लिए भेजे हैं। ये रिपोर्ट्स प्राधिकरण में जल्द ही सबमिट की जाएंगी। जांच के दौरान टीमों ने स्थानीय निवासियों से फीडबैक भी लिया।

अभियान के अंतिम दिन प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने गंगा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और जैतपुर स्थित मास्टर रिजर्वायर का औचक निरीक्षण किया। यहां भी गंगाजल की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाई गई।

एसीईओ ने जल विभाग को नियमित रूप से पानी की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की शिकायत की गुंजाइश न रहे।

यह उल्लेखनीय है कि कुछ क्षेत्रों में दूषित पानी की शिकायतें मिलने के बाद प्राधिकरण ने एहतियातन यह चार दिवसीय रैंडम जांच अभियान शुरू किया था। महाप्रबंधक एके सिंह के नेतृत्व में गठित टीमों ने जलापूर्ति लाइनों में लीकेज, सीवर चोकिंग, ओवरफ्लो और ड्रेन-सीवर-पानी कनेक्शन प्वाइंट्स की भी गहन जांच की।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने कहा कि प्राधिकरण शहर में स्वच्छ जलापूर्ति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भले ही यह विशेष अभियान समाप्त हो गया हो, लेकिन पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। यदि किसी क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई की सूचना मिलती है तो नागरिक तुरंत जल विभाग को सूचित करें। इसके लिए वरिष्ठ प्रबंधक जल (9205691408) और प्रबंधक जल (8937024017) के संपर्क नंबर जारी किए गए हैं। शिकायत मिलते ही प्राधिकरण की टीम त्वरित कार्रवाई कर समस्या का समाधान करेगी।

Point of View

बल्कि यह नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति भी एक जिम्मेदार दृष्टिकोण दर्शाती है।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

ग्रेटर नोएडा में पानी की गुणवत्ता जांच अभियान का उद्देश्य क्या था?
इस अभियान का उद्देश्य शहरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना था।
जांच के दौरान पानी की गुणवत्ता कैसे थी?
जांच में अधिकांश स्थानों पर पानी मानकों के अनुरूप पाया गया।
यदि किसी क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई की सूचना मिले तो क्या करना चाहिए?
नागरिकों को जल विभाग को तुरंत सूचित करना चाहिए।
जल विभाग से संपर्क करने के लिए कौन से नंबर हैं?
वरिष्ठ प्रबंधक जल (9205691408) और प्रबंधक जल (8937024017) के संपर्क नंबर जारी किए गए हैं।
क्या यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा?
प्राधिकरण पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करेगा।
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