रानी झांसी फ्लाईओवर पर ₹19.50 लाख की लूट: दिल्ली पुलिस ने 5 आरोपी दबोचे, ₹9 लाख व आईफोन बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के रानी झांसी फ्लाईओवर पर 30 सितंबर 2026 को हुई ₹19.50 लाख की नकद लूट के मामले में दिल्ली पुलिस ने 5 अक्टूबर को 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से ₹9 लाख से अधिक नकद और लूट की रकम से खरीदा गया एक आईफोन भी जब्त किया गया है।
वारदात का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, पीड़ित चांदनी चौक स्थित एक व्यापारी के यहाँ काम करते थे और वहीं से नकदी लेकर बाइक से निकले थे। चांदनी चौक में ही कार्यरत एक व्यक्ति ने उनकी रेकी की और अपने गाजियाबाद के 4 साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई।
सबसे पहले कश्मीरी गेट पर पीड़ितों की बाइक रोककर मारपीट और लूट का प्रयास किया गया, लेकिन वहाँ मौजूद राहगीरों की मदद से वे बच निकले। हैरानी की बात यह रही कि पीड़ितों ने इस पहली घटना के बाद पीसीआर को सूचना नहीं दी। इसका फायदा उठाकर बदमाशों ने आगे रानी झांसी फ्लाईओवर पर दो अलग-अलग बाइकों से पीड़ितों को घेरा, मारपीट की और ₹19.50 लाख नकद लूट ले गए।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
नॉर्थ दिल्ली की डीसीपी निहारिका भट्ट के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने गहन जाँच और तकनीकी निगरानी के आधार पर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से ₹9 लाख से अधिक की नकदी और लूट की रकम से खरीदा गया एक आईफोन बरामद किया गया है। शेष लूटी गई राशि की बरामदगी और अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है।
उस्मानपुर मुठभेड़: दो अपराधी घायल
इसी बीच, उत्तर पूर्वी दिल्ली जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने उस्मानपुर यमुना खादर क्षेत्र में देर रात हुई मुठभेड़ में 2 अपराधियों को दबोचा। मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों की पहचान वसीम और कैफ के रूप में हुई है। दोनों पर 2 अक्टूबर को भजनपुरा क्षेत्र में एक व्यापारी से रंगदारी माँगने और हवाई फायरिंग करने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि ये दोनों कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई और रसीद केवल गैंग से जुड़े हैं।
आम जनता और व्यापारियों पर असर
यह घटना राजधानी में व्यापारी वर्ग की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। गौरतलब है कि चांदनी चौक जैसे व्यस्त व्यावसायिक इलाके में रेकी करके नकदी ले जा रहे लोगों को निशाना बनाना संगठित अपराध की योजनाबद्ध कार्यशैली को दर्शाता है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में गैंग से जुड़े अपराधों की संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है।
आगे की जाँच
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लूट में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और शेष ₹10.50 लाख की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। डीसीपी निहारिका भट्ट की टीम तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कड़ियाँ जोड़ने में लगी है।