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क्या रानी लक्ष्मीबाई की शौर्य गाथा भारतीयों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी?

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क्या रानी लक्ष्मीबाई की शौर्य गाथा भारतीयों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी?

सारांश

कांग्रेस के नेताओं ने रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर उनके साहस और बलिदान को याद किया। इस लेख में हम जानेंगे उनकी वीरता और प्रेरणा की कहानी। आइए जानें कैसे उनकी गाथा आज भी हमें प्रेरित करती है।

मुख्य बातें

रानी लक्ष्मीबाई की वीरता ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरित किया।
उनका साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उदाहरण है।
रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान हमें मातृभूमि की रक्षा के प्रति जागरूक करता है।

नई दिल्ली, 19 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य पार्टी नेताओं ने बुधवार को रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर उनके अद्वितीय साहस को स्मरण किया।

खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “हम लड़ेंगे ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां अपनी आज़ादी का उत्सव मना सकें। रानी लक्ष्मी बाई जी, 1857 के पहले भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल फूंकने वाली, असाधारण साहस और वीरता की प्रतीक हैं। हम उनकी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।”

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने एक्स पर लिखा, “अदम्य साहस और अद्वितीय शौर्य की जीवंत प्रतीक, वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई जी की जयंती पर हम उनका पावन स्मरण करते हैं। उनके त्याग और साहस ने भारत की नारी शक्ति को अमर कर दिया है। इस अवसर पर आइए हम उनके बलिदान को नमन करें और मातृभूमि की रक्षा का संकल्प लें।”

कांग्रेस पार्टी ने एक्स पोस्ट में कहा, “रानी लक्ष्मीबाई जी की शौर्य गाथा हम सभी भारतीयों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।”

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक्स पर लिखा, “प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगना, असाधारण साहस और अपार शौर्य की प्रतीक रानी लक्ष्मीबाई जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन एवं श्रद्धांजलि। उनकी अमर गाथाएं भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हैं और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति और साहस की प्रेरणा देती रहेंगी।”

कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने एक्स पर लिखा, “स्वतंत्रता संग्राम की अमर प्रतीक, अदम्य साहस और अपार शौर्य की प्रतिमूर्ति, रानी लक्ष्मीबाई जी की जयंती पर कोटि कोटि नमन।”

कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने एक्स पर लिखा, “प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अग्रदूत रानी लक्ष्मीबाई को उनकी जयंती पर सादर नमन। मातृभूमि की रक्षा के लिए उनका बलिदान युगों-युगों तक प्रेरणा देता रहेगा।”

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह आज की पीढ़ी के लिए भी एक प्रेरणास्रोत है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रानी लक्ष्मीबाई कौन थीं?
रानी लक्ष्मीबाई, झांसी की रानी, 1857 के पहले भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की प्रमुख नायिका थीं।
रानी लक्ष्मीबाई की जयंती कब मनाई जाती है?
रानी लक्ष्मीबाई की जयंती 19 नवंबर को मनाई जाती है।
रानी लक्ष्मीबाई का योगदान क्या था?
रानी लक्ष्मीबाई ने स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के खिलाफ अद्वितीय साहस का प्रदर्शन किया।
राष्ट्र प्रेस
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