क्या जमशेदपुर के गांव में प्रज्ञा केंद्र संचालक भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई?
सारांश
Key Takeaways
- जमशेदपुर में भाजपा नेता की हत्या से स्थानीय लोग आक्रोशित हैं।
- हत्या के पीछे जमीन विवाद का मामला है।
- पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
- सीसीटीवी फुटेज से अपराधियों की पहचान की जाएगी।
- यह घटना समाज में बढ़ते अपराध का संकेत है।
जमशेदपुर, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल अन्तर्गत गालुडीह थाना क्षेत्र में सोमवार रात अपराधियों ने प्रज्ञा केंद्र संचालक और भाजपा नेता 40 वर्षीय तारापद महतो की गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना उलदा पंचायत के खड़िया कॉलोनी बस स्टैंड के निकट स्थित प्रज्ञा केंद्र में हुई।
इस घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश फैला हुआ है। पुतरू गांव के निवासी तारापद महतो पिछले लगभग दो वर्षों से खड़िया कॉलोनी में सीएससी (प्रज्ञा) केंद्र का संचालन कर रहे थे। सोमवार को झारखंड के क्षेत्रीय त्योहार टुसू के चलते केंद्र में दिनभर भीड़भाड़ रही। रात करीब आठ बजे तक बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं ऑनलाइन पैसे की निकासी और अन्य डिजिटल सेवाओं के लिए केंद्र पर उपस्थित थीं।
इसी दौरान, बाइक पर सवार दो नकाबपोश अपराधी वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों अपराधी सीधे केंद्र के अंदर गए और तारापद महतो से उनका नाम-पता पूछा। जैसे ही पता चला कि वह ही तारापद महतो हैं, अपराधियों ने पिस्तौल निकालकर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। दो गोलियां लगते ही तारापद महतो लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े।
अचानक हुई गोलीबारी से केंद्र में उपस्थित महिलाओं और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी बाइक से टाटा की ओर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए तारापद महतो को अस्पताल ले जाने की तैयारी की, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही गालुडीह थाना पुलिस मौके पर पहुँच गई और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी।
बताया जाता है कि तारापद महतो के गांव में जमीन को लेकर कई वर्षों से विवाद चल रहा था। इस विवाद को लेकर पूर्व में भी मारपीट की घटनाएं हो चुकी थीं। पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। वह उलदा पंचायत की उपमुखिया आशारानी महतो के पति थे। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और फरार अपराधियों की तलाश में छापेमारी तेज कर दी गई है।