सोहा अली खान का कॉर्पोरेट करियर: फिल्मों में आने से पहले मजबूत नींव
सारांश
Key Takeaways
- सोहा अली खान ने कॉर्पोरेट क्षेत्र में करियर की शुरुआत की।
- उन्होंने ऑक्सफोर्ड और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की।
- यूनिफेम में काम करके महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाया।
- सोहा की नई पहल 'ऑल अबाउट हर' महिलाओं के अधिकारों के लिए है।
- वे प्रजनन स्वास्थ्य और लैंगिक समानता पर काम कर रही हैं।
मुंबई, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पटौदी रियासत के कई सदस्यों ने अभिनय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन उन्होंने पहले अपनी पढ़ाई पूरी की और एक मजबूत करियर की नींव रखी। इस कड़ी में अभिनेत्री सोहा अली खान का नाम भी शामिल है। उन्होंने पहले अपनी शिक्षा को प्राथमिकता दी और फिल्मों में आने से पहले एक अच्छी डिग्री प्राप्त की।
सोहा अली खान ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई की और इसके बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से इंटरनेशनल रिलेशन्स में मास्टर डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट सेक्टर में भी कार्य किया। अभिनेत्री ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने अपनी पहली नौकरी 1999 में यूनिफेम में शुरू की थी।
उन्होंने वीडियो पोस्ट में लिखा, "1999 में मेरी पहली सैलरी वाली नौकरी नई दिल्ली में 'यूनीफेम' के साथ थी। वहाँ मेरा काम महिलाओं की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति को सशक्त बनाना और उनके खिलाफ होने वाली हिंसा को समाप्त करना था।"
अभिनेत्री ने बताया कि वे इस संस्थान में 27 साल बाद लौटी हैं। उन्होंने कहा, "27 साल बाद मैं फिर से लौट रही हूं, लेकिन इस बार 'यूएमएफपीए' की एडवोकेट के रूप में। अब मैं प्रजनन स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वास्थ्य, लैंगिक समानता और लड़कियों व महिलाओं की गरिमा के लिए आवाज उठा रही हूं।"
सोहा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र उनके लिए हमेशा मिलकर काम करने की ताकत का प्रतीक रहा है। यहाँ देश और समाज मिलकर लोगों के अधिकारों, अवसरों और उनकी पसंद की रक्षा करते हैं। उन्होंने लिखा, "माँ बनने के बाद यह विश्वास और मजबूत हो गया है। यही सोच उनकी पहल 'ऑल अबाउट हर' को भी दिशा देती है। कुछ सफर ऐसे होते हैं जो समय के साथ फिर वहीं लौट आते हैं, लेकिन इस बार और अधिक उद्देश्य और जिम्मेदारी के साथ। तो चलिए, इस नई शुरुआत की ओर।"
सोहा ने कहा कि इस पॉडकास्ट का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उनके विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करना है। इस मंच पर महिलाओं के अनुभवों, चुनौतियों और सफलताओं की कहानियाँ साझा की जाती हैं, और महिलाओं से संबंधित विषयों पर विचार किया जाता है।