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सिग्नेचर ब्रिज के पास मुठभेड़: राशिद हत्याकांड का मुख्य आरोपी हारून गिरफ्तार, 14 राउंड गोलियां चलीं

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सिग्नेचर ब्रिज के पास मुठभेड़: राशिद हत्याकांड का मुख्य आरोपी हारून गिरफ्तार, 14 राउंड गोलियां चलीं

सारांश

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में गैंगवार का एक और अध्याय — सिग्नेचर ब्रिज के पास हुई मुठभेड़ में राशिद हत्याकांड का मुख्य आरोपी हारून पकड़ा गया। 14 राउंड गोलियां चलीं, एक पुलिसकर्मी बुलेटप्रूफ जैकेट से बचा, और हारून के पैर में गोली लगी।

मुख्य बातें

राशिद हत्याकांड का मुख्य आरोपी हारून को 23 जून को सिग्नेचर ब्रिज के पास मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।
मुठभेड़ में दोनों पक्षों की ओर से 14 राउंड गोलियां चलीं; हारून के पैर में गोली लगी।
एक पुलिसकर्मी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी, जिससे उसकी जान बच गई।
राशिद की हत्या दयालपुर स्थित उसकी दुकान में तीन हथियारबंद बदमाशों ने की थी।
इस मामले में अब तक दो वयस्क आरोपी और दो नाबालिग शूटर गिरफ्तार हो चुके हैं।
जांच में सामने आया कि हत्या नसीम दुर्रानी गैंग और हारून गैंग के बीच गैंगवार का परिणाम हो सकती है।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास स्थित सिग्नेचर ब्रिज के पास मंगलवार, 23 जून को पुलिस और एक बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ के बाद दयालपुर इलाके के पानी सप्लायर राशिद हत्याकांड के मुख्य आरोपी हारून को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, इस मुठभेड़ में दोनों पक्षों की ओर से कुल 14 राउंड गोलियां चलाई गईं।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

उत्तर-पूर्वी जिला स्पेशल स्टाफ की टीम को हारून की गतिविधियों की सटीक खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर सिग्नेचर ब्रिज के पास जाल बिछाया गया। जब पुलिस ने हारून को रोककर आत्मसमर्पण करने को कहा, तो उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई और दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई।

मुठभेड़ के दौरान एक गोली एक पुलिसकर्मी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उसकी जान बच गई और बड़ा हादसा टल गया। वहीं, हारून के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे काबू में कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

राशिद हत्याकांड की पृष्ठभूमि

कुछ दिन पहले दयालपुर स्थित उसकी दुकान के अंदर घुसकर तीन हथियारबंद बदमाशों ने गोली मारकर राशिद की हत्या कर दी थी। स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) एचजीएस ढालीवाल के अनुसार, राशिद का संबंध कथित तौर पर गैंगस्टर नसीम दुर्रानी और उसके आपराधिक नेटवर्क से था। शुरुआती जांच और स्थानीय खुफिया जानकारी में सामने आया कि यह हत्या दुर्रानी गैंग और हारून गैंग के बीच लंबे समय से चली आ रही गैंगवार का नतीजा हो सकती है।

अब तक की गिरफ्तारियां

इस मामले में दयालपुर पुलिस पहले ही तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा, क्राइम ब्रांच ने अनवर ठाकुर-हारून गैंग से जुड़े दो नाबालिग शूटरों को भी पकड़ा था। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इंस्पेक्टर मान सिंह और इंस्पेक्टर सुंदर गौतम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी।

फॉरेंसिक जांच और साक्ष्य संग्रह

घटनास्थल पर क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम भी पहुंची और साक्ष्य जुटाए। हारून को हारून गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है और वह राशिद हत्याकांड में मुख्य संदिग्ध था।

आगे की कार्रवाई

पुलिस अब हारून से पूछताछ कर हत्याकांड में शामिल अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश करेगी। गौरतलब है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में गैंगवार की यह घटना क्षेत्र में संगठित अपराध के बढ़ते दबाव को उजागर करती है, जिससे निपटने के लिए पुलिस विशेष अभियान चला रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह घटना उत्तर-पूर्वी दिल्ली में संगठित गैंगवार की गहरी जड़ों को उजागर करती है — जहाँ नसीम दुर्रानी और हारून जैसे गैंग खुलेआम प्रतिद्वंद्विता में उलझे हैं। यह सवाल उठता है कि दो नाबालिग शूटरों की संलिप्तता किशोर अपराध के बढ़ते उपयोग की ओर संकेत करती है — एक प्रवृत्ति जिसे कानून-व्यवस्था की प्रतिक्रिया से अलग, सामाजिक हस्तक्षेप की दृष्टि से भी देखा जाना चाहिए। मुठभेड़ की निष्पक्ष FSL जांच जरूरी है ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राशिद हत्याकांड में हारून कौन है और उसे कैसे गिरफ्तार किया गया?
हारून, हारून गैंग का सक्रिय सदस्य और दयालपुर के पानी सप्लायर राशिद की हत्या का मुख्य आरोपी है। उसे 23 जून को सिग्नेचर ब्रिज के पास उत्तर-पूर्वी जिला स्पेशल स्टाफ ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, जिसमें उसके पैर में गोली लगी।
सिग्नेचर ब्रिज मुठभेड़ में कितनी गोलियां चलीं और क्या कोई हताहत हुआ?
मुठभेड़ में दोनों पक्षों की ओर से कुल 14 राउंड गोलियां चलाई गईं। एक पुलिसकर्मी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी जिससे उसकी जान बच गई, जबकि आरोपी हारून के पैर में गोली लगी और उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
राशिद की हत्या क्यों हुई और इसके पीछे कौन से गैंग का हाथ बताया जा रहा है?
स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) एचजीएस ढालीवाल के अनुसार, राशिद का संबंध कथित तौर पर गैंगस्टर नसीम दुर्रानी के आपराधिक नेटवर्क से था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह हत्या दुर्रानी गैंग और हारून गैंग के बीच गैंगवार का नतीजा हो सकती है।
राशिद हत्याकांड में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं?
इस मामले में अब तक कुल पांच लोग गिरफ्तार हो चुके हैं — दयालपुर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो वयस्क आरोपियों को पकड़ा, क्राइम ब्रांच ने अनवर ठाकुर-हारून गैंग से जुड़े दो नाबालिग शूटरों को गिरफ्तार किया, और अब मुख्य आरोपी हारून भी पकड़ा जा चुका है।
इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इंस्पेक्टर मान सिंह और इंस्पेक्टर सुंदर गौतम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। मुठभेड़ स्थल पर क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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