ब्रिक्स न्यू डेवलपमेंट बैंक की चीन पोर्टफोलियो रिपोर्ट जारी, 27 परियोजनाओं का मूल्यांकन 'सफल'
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिक्स न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) ने 23 सितंबर 2026 को अपनी 'चीन कंट्री पोर्टफोलियो इवैल्यूएशन रिपोर्ट' सार्वजनिक की, जिसमें जुलाई 2015 से दिसंबर 2024 के बीच चीन में स्वीकृत 27 परियोजनाओं का विस्तृत आकलन किया गया है। बैंक के स्वतंत्र मूल्यांकन ब्यूरो द्वारा तैयार इस रिपोर्ट का मुख्य निष्कर्ष है कि NDB और चीन के बीच समग्र सहयोग 'सफल' रहा है।
रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष
रिपोर्ट के अनुसार, चीन में NDB का ऋण पोर्टफोलियो वैश्विक स्तर पर बैंक के सबसे बड़े देश-स्तरीय व्यावसायिक क्षेत्रों में से एक है। मूल्यांकन में चार विशेष आयामों में उल्लेखनीय प्रदर्शन दर्ज किया गया है — आरएमबी (RMB) स्थानीय मुद्रा वित्त पोषण, परियोजना कार्यान्वयन दक्षता, सतत तकनीकी नवाचार और परियोजना अनुपालन।
इन चारों आयामों में बेहतर परिणाम इस बात का संकेत देते हैं कि बैंक अपनी परियोजनाओं को समयबद्ध और नियम-सम्मत तरीके से क्रियान्वित कर रहा है। गौरतलब है कि NDB की स्थापना 2015 में ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका द्वारा बहुपक्षीय विकास वित्त पोषण के विकल्प के रूप में की गई थी।
चीन पोर्टफोलियो का महत्व
रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि चीन में किया गया यह कार्य एक 'प्रतिलिपि योग्य और विस्तार योग्य मॉडल' प्रस्तुत करता है, जिसे अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं में भी लागू किया जा सकता है। यह मॉडल उच्च प्रभाव वाली, टिकाऊ और समावेशी अवसंरचना परियोजनाओं के निर्माण में बहुपक्षीय विकास संस्थानों के लिए मार्गदर्शक बन सकता है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक दक्षिण (Global South) के देश परंपरागत विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के विकल्प के रूप में NDB की भूमिका को लेकर उत्सुक हैं।
स्वतंत्र मूल्यांकन ब्यूरो की भूमिका
NDB के स्वतंत्र मूल्यांकन ब्यूरो ने यह मूल्यांकन बैंक की आंतरिक जवाबदेही प्रक्रिया के तहत किया। ब्यूरो का काम परियोजनाओं की वास्तविक उपलब्धियों और घोषित लक्ष्यों के बीच की खाई को मापना है। रिपोर्ट का सार्वजनिक होना बैंक की पारदर्शिता नीति का हिस्सा है।
आगे की राह
रिपोर्ट के निष्कर्षों को आधार बनाकर NDB अन्य सदस्य देशों — जिनमें भारत भी शामिल है — के लिए अनुरूप पोर्टफोलियो मूल्यांकन विकसित कर सकता है। बैंक के विस्तार के साथ, यह रिपोर्ट भविष्य की परियोजना स्वीकृति और वित्त पोषण नीति को दिशा देने में सहायक हो सकती है।