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जलवायु परिवर्तन पर चीन का दक्षिण-दक्षिण सहयोग: 46 देशों के साथ 60 MoU, 10 हजार अधिकारी प्रशिक्षित

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जलवायु परिवर्तन पर चीन का दक्षिण-दक्षिण सहयोग: 46 देशों के साथ 60 MoU, 10 हजार अधिकारी प्रशिक्षित

सारांश

चीन ने 46 विकासशील देशों के साथ 60 जलवायु सहयोग MoU, 300 से अधिक परियोजनाएँ और 10,000+ अधिकारियों का प्रशिक्षण — यह दक्षिण-दक्षिण एकजुटता का नया अध्याय है, लेकिन घरेलू कोयला नीतियों से विरोधाभास पर सवाल भी उठते हैं।

मुख्य बातें

चीन ने 46 विकासशील देशों के साथ जलवायु परिवर्तन पर 60 दक्षिण-दक्षिण सहयोग MoU संपन्न किए।
120 से अधिक देशों के 10,000+ अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों को जलवायु क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया गया।
कम कार्बन और नवीकरणीय ऊर्जा सहित 300 से अधिक परियोजनाएँ लागू की गई हैं।
2023 में शुरू अफ्रीका सोलर बेल्ट परियोजना ने 5 अफ्रीकी देशों के लगभग 20,000 परिवारों को बिजली उपलब्ध कराई।
अनुमान है कि 2027 तक इस परियोजना से 50,000 अफ्रीकी परिवार लाभान्वित होंगे।

चीन के पारिस्थितिकी और पर्यावरण उप मंत्री ली काओ ने 21 अक्टूबर 2026 को बीजिंग में आयोजित एक न्यूज ब्रीफिंग में कहा कि चीन ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए 46 विकासशील देशों के साथ 60 दक्षिण-दक्षिण सहयोग समझौता ज्ञापन (MoU) संपन्न किए हैं। उन्होंने इसे 'मानव जाति के साझे भविष्य वाले समुदाय' की विचारधारा के अनुरूप एक बड़े राष्ट्र की जिम्मेदारी का प्रमाण बताया।

मुख्य घटनाक्रम

चीनी राज्य परिषद के न्यूज कार्यालय द्वारा आयोजित इस ब्रीफिंग में उप मंत्री ली काओ ने विस्तार से बताया कि चीन ने दक्षिण-दक्षिण सहयोग के तहत अन्य विकासशील देशों को उनकी जलवायु क्षमता बढ़ाने में सहायता प्रदान की है। इसके अंतर्गत 300 से अधिक परियोजनाएँ लागू की गई हैं, जिनमें कम कार्बन प्रदर्शन क्षेत्रों का निर्माण और अफ्रीका सोलर बेल्ट जैसी पहल शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, 120 से अधिक विकासशील देशों के 10,000 से ज़्यादा अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों को जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नीति-निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा तकनीक और जलवायु अनुकूलन रणनीतियों पर केंद्रित रहा।

अफ्रीका सोलर बेल्ट परियोजना

वर्ष 2023 में शुरू हुई अफ्रीका सोलर बेल्ट परियोजना इस सहयोग का एक प्रमुख उदाहरण है। तीन वर्षों की अवधि में इस पहल के अंतर्गत 5 अफ्रीकी देशों के लगभग 20,000 परिवारों की बिजली और रोशनी की समस्या दूर की गई है। अनुमान है कि वर्ष 2027 तक यह परियोजना 50,000 अफ्रीकी परिवारों तक अपनी पहुँच बढ़ा लेगी।

गौरतलब है कि अफ्रीका में ऊर्जा पहुँच एक दीर्घकालिक चुनौती रही है और इस परियोजना को अंतरराष्ट्रीय समुदाय में सराहना मिली है। विकासशील देशों ने भी इसका व्यापक स्वागत किया है।

अंतरराष्ट्रीय संदर्भ और महत्त्व

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक जलवायु वार्ताओं में विकासशील और विकसित देशों के बीच वित्तपोषण और तकनीकी हस्तांतरण को लेकर तनाव बना हुआ है। चीन का दावा है कि वह अपनी क्षमता के दायरे में रहकर अन्य विकासशील देशों का साथ दे रहा है, जो उसे पश्चिमी देशों की जलवायु वित्तपोषण प्रतिबद्धताओं से अलग एक 'दक्षिण-दक्षिण एकजुटता' के रूप में प्रस्तुत करता है।

आलोचकों का कहना है कि चीन की घरेलू कोयला नीतियों और उसके वैश्विक जलवायु सहयोग के बीच विरोधाभास को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालाँकि, नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में चीन की तकनीकी प्रगति और लागत-प्रभावशीलता को व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है।

क्या होगा आगे

अफ्रीका सोलर बेल्ट का 2027 तक 50,000 परिवारों तक विस्तार लक्ष्य निर्धारित है। साथ ही, 300 से अधिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और व्यापक बनाने की योजना बताई जा रही है। यह देखना होगा कि आगामी वैश्विक जलवायु सम्मेलनों में यह सहयोग किस तरह का रूप लेता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक बड़ा विरोधाभास यह है कि चीन अभी भी दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उपभोक्ता और कार्बन उत्सर्जक बना हुआ है। 46 देशों के साथ 60 MoU और 300 परियोजनाएँ सॉफ्ट पावर की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हैं, पर वैश्विक जलवायु लक्ष्यों पर इनका वास्तविक प्रभाव स्वतंत्र सत्यापन के बिना मापना कठिन है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह नहीं पूछती कि क्या ये परियोजनाएँ चीनी तकनीक और उपकरणों पर निर्भरता बढ़ाती हैं — जो एक नई भू-आर्थिक निर्भरता का स्वरूप ले सकती है।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन का दक्षिण-दक्षिण जलवायु सहयोग क्या है?
यह चीन की एक पहल है जिसके तहत वह विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन से निपटने में तकनीकी और क्षमता-निर्माण सहायता प्रदान करता है। अब तक 46 देशों के साथ 60 MoU, 300 से अधिक परियोजनाएँ और 120 से अधिक देशों के 10,000 से ज़्यादा अधिकारियों का प्रशिक्षण इसके प्रमुख आयाम हैं।
अफ्रीका सोलर बेल्ट परियोजना से कितने परिवारों को फायदा होगा?
2023 में शुरू हुई इस परियोजना से अब तक 5 अफ्रीकी देशों के लगभग 20,000 परिवारों को बिजली और रोशनी की सुविधा मिली है। अनुमान है कि 2027 तक यह संख्या बढ़कर 50,000 अफ्रीकी परिवारों तक पहुँच जाएगी।
चीन ने कितने विकासशील देशों के अधिकारियों को जलवायु प्रशिक्षण दिया है?
चीन ने 120 से अधिक विकासशील देशों के 10,000 से ज़्यादा अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों को जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में प्रशिक्षित किया है। यह प्रशिक्षण नीति-निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा तकनीक और जलवायु अनुकूलन रणनीतियों पर केंद्रित रहा है।
चीन के जलवायु सहयोग की घोषणा कहाँ और कब की गई?
यह घोषणा 21 अक्टूबर 2026 को बीजिंग में चीनी राज्य परिषद के न्यूज कार्यालय द्वारा आयोजित एक न्यूज ब्रीफिंग में की गई। पारिस्थितिकी और पर्यावरण उप मंत्री ली काओ ने यह जानकारी साझा की।
दक्षिण-दक्षिण सहयोग और पश्चिमी जलवायु वित्तपोषण में क्या अंतर है?
दक्षिण-दक्षिण सहयोग विकासशील देशों के बीच आपसी तकनीकी और क्षमता-निर्माण सहायता पर आधारित है, जबकि पश्चिमी जलवायु वित्तपोषण मुख्यतः विकसित देशों द्वारा विकासशील देशों को दिए जाने वाले वित्तीय अनुदान और ऋण पर केंद्रित है। चीन इसे 'अपनी क्षमता के दायरे में' की गई सहायता के रूप में प्रस्तुत करता है।
राष्ट्र प्रेस
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