क्या ब्राजील के बेलेम शहर में सीओपी30 सम्मेलन सफल रहा?
सारांश
Key Takeaways
- सीओपी30 का आयोजन ब्राजील के बेलेम में हुआ।
- जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लामबंदी का महत्व।
- चीन ने बहुपक्षीयता को बढ़ावा दिया।
- वैश्विक जलवायु नीति में एकजुटता का संकेत।
- कम कार्बन तकनीक में योगदान का महत्व।
बीजिंग, 23 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के सदस्य देशों का 30वां सम्मेलन (सीओपी30) 22 नवंबर को उत्तर ब्राजील के बेलेम शहर में एक दिन की देरी के बाद संपन्न हुआ।
इसके बाद सीओपी30 के लिए चीनी प्रतिनिधिमंडल के नेता और उप पारिस्थितिक पर्यावरण मंत्री ली काओ ने चीनी मीडिया को एक इंटरव्यू दिया और सम्मेलन में हुई महत्वपूर्ण उपलब्धियों का सारांश प्रस्तुत किया।
ली काओ ने बताया कि सीओपी30 में 'वैश्विक लामबंदी: जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने के लिए सामूहिक प्रयास' शीर्षक से एक सामान्य समझौता हुआ। यह समझौता भू-राजनीतिक तनाव, एकतरफावाद और संरक्षणवाद के बढ़ते प्रभाव, पेरिस समझौते में अमेरिका की वापसी तथा वैश्विक जलवायु शासन की चुनौतियों के बीच बहुत महत्वपूर्ण है। इससे जलवायु परिवर्तन के खिलाफ एकजुट होकर काम करने की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय मिलता है।
ली काओ ने कहा कि इस सम्मेलन में चीनी प्रतिनिधिमंडल ने लगभग सौ विषयों पर चर्चा की। इस दौरान चीनी प्रतिनिधियों ने बहुपक्षीयता के माध्यम से जलवायु परिवर्तन में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा दिया और पेरिस समझौते के कार्यान्वयन को प्रोत्साहित किया। चीन ने एक सक्रिय और रचनात्मक भूमिका निभाई।
ली काओ ने कहा कि चीन बहुपक्षीयता की रक्षा कर रहा है, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा दे रहा है, वैश्विक बदलाव को समर्थन दे रहा है और कम कार्बन तकनीक में योगदान कर रहा है। चीन विभिन्न पक्षों के साथ एक अधिक न्यायपूर्ण, सहयोगात्मक और समान जीत वाली वैश्विक जलवायु शासन प्रणाली का निर्माण करेगा, ताकि एक स्वच्छ, सुंदर और टिकाऊ दुनिया का निर्माण किया जा सके।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)